कानपुर में BJP-RSS की समन्वय बैठक, CM योगी हुए शामिल; शंकराचार्य विवाद पर भी हुई चर्चा?

कानपुर में बीजेपी और RSS के बीच उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई. यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली, इसमें वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और हालिया संगठनात्मक बदलावों पर मंथन हुआ. सूत्रों के मुताबिक बैठक में UGC और शंकराचार्य विवाद पर भी चर्चा की गई.

सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो) Image Credit: फाइल फोटो

कानपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बीच शुक्रवार को कानपुर-बुंदेलखंड प्रांत की उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल, RSS के क्षेत्र प्रचारक अनिल और श्रीराम सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए. यह बैठक नवाबगंज स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय में सुबह 11 बजे शुरू हुई और लगभग तीन घंटे तक चली.

बैठक में वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य, हालिया संगठनात्मक बदलावों और प्रदेश से जिला स्तर तक नई टीमों के गठन पर विस्तृत मंथन हुआ. सूत्रों के अनुसार, बैठक में लोकसभा चुनावों में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में पार्टी को हुए नुकसान, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान तथा बढ़ती अनुशासनहीनता पर गहरी चिंता व्यक्त की गई. माना गया कि इन मुद्दों से पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है तथा कार्यकर्ताओं में व्याप्त नाराजगी को दूर करने की आवश्यकता है.

UGC के नए नियम से उत्पन्न विवाद प्रमुखता से उठा

पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में यूजीसी के नए नियम से उत्पन्न विवाद प्रमुखता से उठा. ये नियम उच्च शिक्षा में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने के उद्देश्य से लाए गए हैं, लेकिन सामान्य वर्ग में इनके दुरुपयोग की आशंका और झूठी शिकायतों पर रोक के प्रावधान हटाए जाने से व्यापक आक्रोश फैला हुआ है. बैठक में इस मुद्दे से एक वर्ग में उत्पन्न नकारात्मकता पर विचार किया गया तथा इसे दूर करने के लिए त्वरित प्रयासों का आश्वासन दिया गया.

शंकराचार्य विवाद पर जनता की प्रतिक्रिया पर हुई चर्चा

इसी प्रकार, सूत्रों के अनुसार, हाल के शंकराचार्य विवाद (जिसमें प्रयागराज के माघ मेला 2026 के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद शामिल हैं) के संदर्भ में आम जनता की प्रतिक्रिया पर चर्चा हुई. बैठक में आकलन किया गया कि क्या ऐसे मुद्दे सनातन एकता की मुहिम को प्रभावित कर रहे हैं. आरएसएस के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के तहत विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, भारतीय मजदूर संघ, सेवा भारती, आरोग्य भारती तथा लघु उद्योग भारती जैसे संगठनों के प्रमुखों से भी फीडबैक लिया गया. यह बैठक समन्वय बैठक के पश्चात आयोजित की गई.

विधानसभा चुनावों की तैयारियों से पहले बैठक महत्वपूर्ण

बैठक से पूर्व कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात की, जबकि बैठक के बाद विद्रोही पार्षदों ने भी उनसे भेंट की. सूत्रों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष ने विवाद निपटारे में देरी पर हैरानी जताई और हस्तक्षेप का आश्वासन दिया. सूत्रों के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना जल्द इस मामले में पहल कर सकते हैं. आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों के संदर्भ में यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है. प्रदेश भर में ऐसी समन्वय बैठकों का दौर जारी है, जिससे पार्टी संगठन को मजबूत करने तथा जनभावनाओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है.