जिस जर्मन शेफर्ड डॉग ने पूर्व राज्यपाल की बहन को मार डाला था, उसने अब बहू पर किया हमला

पिछले साल 19 मार्च को कानपुर के विकास नगर में एक जर्मन शेफर्ड कुत्ते ने पूर्व उपराज्यपाल त्रिभुवन प्रसाद तिवारी की बहन और अपनी मालकिन 90 वर्षीय मोहिनी त्रिवेदी की जान ले ली थी. अब दोबारा इसी कुत्ते ने 04 मई को पूर्व राज्यपाल की बहू किरण त्रिवेदी पर हमला कर दिया है. किरण त्रिवेदी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

कानपुर में जर्मन शेफर्ड ने पूर्व राज्यपाल के बहू पर किया हमला Image Credit:

कानपुर के विकास नगर इलाके में पालतू कुत्ते जर्मन शेफर्ड ‘राबर्ट’ के आतंक ने दहशत फैला दी है. इसी कुत्ते ने पिछले साल अपनी 90 वर्षीय मालकिन मोहिनी त्रिवेदी पर अटैक कर उनकी जान ले ली थी. तब इस कुत्ते को नगर निगम के कैटल कैचिंग दस्ते ने कुत्ते को पकड़कर शेल्टर होम भेज दिया था. हालांकि, महज 20 दिन बाद ही पौत्र प्रशांत एक हलफनामा देकर कुत्ते को वापस घर ले आया था. हलफनामे में स्पष्ट लिखा गया था कि यदि कुत्ता भविष्य में किसी पर भी हमला करता है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी परिवार की होगी.

अब पूर्व राज्यपाल की बहू पर कर दिया हमला

अब इस कुत्ते ने दोबारा दहशत फैलाना शुरू कर दिया है. राबर्ट ने 4 मई को रात 10 बजे रात करीब 10:30 बजे, जब प्रशांत घर पर मौजूद नहीं था, तब अपनी मालकिन किरण त्रिवेदी पर हमला कर दिया. इस हमले में महिला के दोनों हाथ बुरी तरह जख्मी हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हैरानी की बात यह है कि परिजनों ने घटना को दो दिनों तक छिपाए रखा और अस्पताल में कुत्ते के हमले के बजाय आवारा पशु द्वारा चोट लगने की बात कही.

पिछले साल पूर्व राज्यपाल की बहन की ली थी जान

बता दें कि कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल किरण त्रिवेदी विकास नगर (बीमा चौराहा) निवासी और पुडुचेरी के पूर्व उपराज्यपाल त्रिभुवन प्रसाद तिवारी की बहू हैं. कुत्ते ने पिछले साल 19 मार्च को को जिस मोहिनी त्रिवेदी की जान ली थी, त्रिभुवन प्रसाद तिवारी की बहन थीं. तब मोहिनी त्रिवेदी ने कुत्ते को छड़ी से डराने का प्रयास किया था, जिससे आक्रामक होकर राबर्ट ने उन पर हमला कर दिया था. उस समय घर में मौजूद बहू किरण त्रिवेदी और पौत्र प्रशांत पैरों में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें बचा नहीं सके थे.

कुत्ते को पकड़कर शेल्टर होम भेजा जाएगा

अब ​मामला संज्ञान में आने के बाद नगर निगम प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है. मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. निरंजन ने बताया कि कुत्ते का पंजीकरण है. चूंकि परिवार ने हलफनामा दिया था और उसका उल्लंघन हुआ है, इसलिए नगर निगम की टीम मंगलवार को दोबारा कुत्ते को पकड़कर शेल्टर होम भेजेगी. सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता. फिलहाल किरण त्रिवेदी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही हैं, लेकिन इस घटना ने रिहायशी इलाकों में खूंखार पालतू नस्लों के रखरखाव पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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