कानपुर में LLB स्टूडेंट के साथ इतनी बेरहमी… सिर फोड़ा, काट दिया पेट; चापड़ से वारकर भाग गए बदमाश

कानपुर के केशवपुरम में LLB छात्र अभिजीत सिंह चंदेल पर मेडिकल स्टोर पर पैसे के विवाद में चापड़ से बर्बर हमला हुआ. हमलावरों ने उसका सिर फाड़ा, पेट चीरा और आंतें बाहर निकाल दीं. इस वारदात के बाद पीड़ित की हालत नाजुक है. चौंकाने वाली बात यह है कि हमलावरों ने पुलिस से मिलकर पीड़ित छात्र पर ही रंगदारी का मुकदमा दर्ज करा दिया है.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगरी कानपुर में एक दिल दहलाने वाली वारदात हुई है. यहां रावतपुर थाना क्षेत्र के केशवपुरम में शनिवार की रात अज्ञात बदमाशों ने एलएलबी की पढ़ाई करने वाले एक छात्र के ऊपर चापड़ से ताबड़तोड़ वार किया. आरोपियों ने इस छात्र का सिर फाड़ दिया, पेट काट दिया. इससे उसकी अंतड़ियां तक बाहर आ गईं. इसी प्रकार उसके हाथों की उंगलियां तक काट डाली और चापड़ लहराते हुए मौके से फरार हो गए. वारदात के वक्त छात्र दवा खरीदने के लिए यहां एक मेडिकल स्टोर पर आया था.

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को गंभीर हालत में अस्पताल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. पुलिस के मुताबिक पीड़ित छात्र की पहचान अभिजीत सिंह चंदेल (22) के रूप में हुई है. वह कानपुर यूनिवर्सिटी में LLB प्रथम वर्ष का छात्र है. पीड़ित की मां नीलम सिंह ने पुलिस में तहरीर दी है. इसमें उन्होंने बताया कि उनका बेटा अभिजीत शनिवार रात करीब 9 बजे घर से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित मेडिकल स्टोर पर दवा लेने गया था. दवा लेने के बाद पैसों के लेन-देन को लेकर उसकी मेडिकल स्टोर संचालक अमर सिंह से कहासुनी हो गई.

पेट से निकल आईं अंतड़ियां

इसी बात पर गुस्साए अमर सिंह ने अपने भाई विजय सिंह, प्रिंस राज श्रीवास्तव और निखिल के साथ मिलकर उनके बेटे पर हमला कर दिया. पीड़ित मां के मुताबिक आरोपियों ने पहले तो लात घूंसे बरसाए, फिर चापड़ से ताबड़तोड़ वार किया. आरोपियों ने पहले उनके बेटे के सिर पर वार किया, जिससे हड्डियां दिखने लगीं और वह जमीन पर गिर कर तड़पने लगा. इसके बाद आरोपियों ने उसी चापड़ से उसके पेट पर कई वार किए. इससे उनके बेटे की अंतड़ियां बाहर निकल आईं हैं. पीड़ित के चीखने चिल्लाने पर आरोपी उसे छोड़ कर फरार हो गए.

पीड़ित पर ही दर्ज हो गया केस

स्थानीय लोगों ने आनन फानन में अभिजीत के पेट पर कपड़ा बांधा. इतने में सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस भी मौके पर पहुंच गए और उसे अस्पताल ले जाया गया. इस दौरान उनके बेटे की हालत को देखकर कई अस्पतालों ने भर्ती करने से ही इनकार कर दिया. आखिर में रीजेंसी अस्पताल ले जाया गया, जहां दो घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद अभिजीत की हालत स्थिर बताई जा रही है. बड़ी बात यह कि हमलावरों ने खुद पुलिस से सांठ-गांठ कर अभिजीत के खिलाफ ही रंगदारी, लूट और मारपीट का मुकदमा दर्ज करा दिया है.

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