इस तारीख के बाद कभी भी हो सकता है लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे के साथ ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भी उद्घाटन करने वाले थे. हालांकि, लखनऊ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हिस्से में निर्माण कार्य और फिनिशिंग बाकी रहने के चलते इसका उद्घाटन टालना पड़ा था. अब खबर आ रही है कि 15 मई तक एक्सप्रेसवे से जुड़ा सारा काम पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद किसी भी तारीख को इसका उद्घाटन किया जा सकेगा.

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे ( प्रतीकात्मक तस्वीर)

लखनऊ-कानपुर का एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को प्रस्तावित था. निर्माण कार्य में देरी और फिनिशिंग का काम अधूरा होने के कारण इसे टाल दिया गया था. यह फैसला राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की तरफ से लिया गया था. इस एक्सप्रेसवे के शुरू लखनऊ से कानपुर की दूरी महज 40 से 45 मिनट में पूरी की जा सकेगी.

इन इलाकों में थोड़ा-बहुत काम बाकी

​पहले ऐसी योजना थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे के साथ ही इस एक्सप्रेसवे का भी लोकार्पण करेंगे. हालांकि, लखनऊ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हिस्से में कुछ तकनीकी और निर्माण कार्य अभी भी बाकी हैं. मुख्य रूप से खांडेदेव और शिवपुरा टोल प्लाजा के पास निर्माण कार्य चल रहा है.

लाइटिंग और सुरक्षा मानकों से जुड़ी अंतिम फिनिशिंग का काम भी प्रगति पर है. अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता, इसलिए पूर्णता प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही इसे खोला जाएगा. ​NHAI के अनुसार, एक्सप्रेसवे का बचा हुआ काम 15 मई तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा.

​15 मई के बाद कभी भी हो सकता है उद्घाटन

​NHAI का कहना है कि अगर कार्य तय समय सीमा के भीतर संपन्न होता है, तो मई के दूसरे पखवाड़े (15 मई के बाद) में किसी भी दिन इसका विधिवत उद्घाटन किया जा सकता है.​लगभग 64 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को 3100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है. इसके भौगोलिक विस्तार के तहत ​उन्नाव क्षेत्र 45.3 किलोमीटर (सर्वाधिक हिस्सा) और लखनऊ क्षेत्र 18.7 किलोमीटर का है.

परियोजना के दूसरे चरण का काम पहले ही पूरा हो चुका है

परियोजना के दूसरे चरण (Phase-2) का काम, जो उन्नाव के आजाद नगर से लखनऊ सीमा तक है, फरवरी में ही पूरा हो चुका है. विभाग द्वारा इसका ‘वर्क कंप्लीशन सर्टिफिकेट’ भी जारी किया जा चुका है. अब केवल लखनऊ वाले हिस्से (Phase-1) के अंतिम कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.

लखनऊ और कानपुर के बीच का ट्रैफिक दबाव कम होगा,

इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न केवल लखनऊ और कानपुर के बीच का ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि ​यात्रा समय में भारी कमी आएगी. इसके अलावा रोजाना पढ़ाई, व्यापार और नौकरी के लिए सफर करने वालों को जाम से मुक्ति मिलेगी. ​ईंधन की बचत होगी और यात्रा अधिक सुरक्षित व सुखद होगी.

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