वर्दी में घूमता था फर्जी दरोगा, 5 सालों में जीजा-साले ने लोगों से ऐसे वसूले पैसे

उत्तर प्रदेश के कानपुर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां, जीजा और साले की जोड़ी लोगों को डराकर उनसे वसूली करती थी. जीजा फर्जी दरोगा बनकर लोगों पर अपना रौब जमाता था और साला उसका फॉलोअर बनकर उसकी हां में हां मिलाया करता था.

गिरफ्तार होने के बाद फर्जी दरोगा Image Credit:

उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीते दिनों थाना सेजेती पुलिस ने एक फर्जी दरोगा को गिरफ्तार करने में सफलता पाई थी. इसके बाद पूछताछ के दौरान पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है कि जीजा फर्जी दरोगा और साला उसका फॉलोअर बनकर लोगों पर रौब जमाया करते थे. इसके बाद वसूली, पुलिस में फर्जी भर्ती के लिए लाखों रुपया लोगों से लेकर उन्हें ठग रखा है. इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से कौशांबी जिले का रहने वाला आजाद जादौन फर्जी दरोगा बनकर रहता था. वो अपने साले सौरभ सिंह को फॉलोवर बना साथ में रखता था.

ऐसे फर्जी रूप लेकर ये गांव के इलाकों में जाकर लोगों को डरा धमका कर पैसों की वसूली करते थे. साथ ही नवयुवकों को पुलिस में भर्ती होने के नाम पर बहला फुसला कर लाखों की रकम ऐंठ लेता था. इतना ही नहीं आजाद ने अपनी पोस्टिंग कानपुर में बात के 2023 में सजेती थाना क्षेत्र के परिवार की बेटी से भी शादी कर ली थी.

जीजा को दरोगा मानकर साला भी साथ में घूमता

इसके बाद जीजा को दरोगा मानते हुए साला सौरभ भी उसके साथ उसके कामों में साथ-साथ रहता था. पुलिस ने पूछताछ के दौरान पाया कि पिछले 5 सालों में जीजा साले ने मिलकर बांदा हमीरपुर इटावा कानपुर उन्नाव जैसे जिलों के गांवों में लोगों से पुलिस का रौब दिखाकर वसूली की घटनाओं को अंजाम दिया है.

फर्जी दरोगा बने जीजा आजाद ने अपने ससुरालवालों को भी कभी कानपुर कभी उन्नाव अपनी पोस्टिंग बता करके कभी सादी वर्दी में तो कभी पुलिस की वर्दी में घूमता था. कुछ समय बाद आजाद और सौरभ की जोड़ी ने गांव-गांव जाकर छोटे-छोटे मामलों में लोगों को पकड़ने का काम किया.

बरामद हुई पुलिस की वर्दी

उनसे पैसे की वसूली करी और गांव के बाहर लाकर उन्हें छोड़ दिया यह बात पुलिस से खुद आजाद ने कबूली है. पूरी घटना के अनावरण के बाद सजेती थाना प्रभारी अवधेश सिंह ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसके पास से फर्जी आई कार्ड के साथ पुलिस की वर्दी एयर पिस्टल बरामद हुई है.

थाना प्रभारी अवधेश सिंह ने बताया कि उनके पास कई दिनों से सजेती के ही कुछ नवयुवकों ने शिकायत की थी कि पुलिस भरती के नाम पर आजाद ने उनसे पैसे लिए हैं. जीजा फर्जी दरोगा के साथ फर्जी फॉलोअर बना साला बीते 5 सालों में लोगों को अपना शिकार बनाते रहे. फिलहाल पुलिस ने दोनों को जेल भेजने के बाद पीड़ितों से गहन जांच पड़ताल कर मामले में और भी मुकदमे लिखने जा रही है.

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