120 राउंड फायरिंग स्पीड, 16 किमी रेंज; दुश्मन के एयरक्राफ्ट-ड्रोन को हवा में मार गिराएंगी ये स्वदेशी तोप
भारत ने स्वदेशी SRGM तोपों से अपनी रक्षा प्रणाली को मजबूत किया है. इन तोपों का उत्पान कानपुर में शुरू होने के बाद से इटली पर निर्भरता खत्म हो गई है. ये 76mm तोपें 120 गोले प्रति मिनट दागती हैं, 16 किमी तक मारक क्षमता रखती हैं और नौसेना बेड़ों को मिसाइल, ड्रोन व एयरक्राफ्ट से बचाने में पूरी तरह सक्षम हैं. फिलहाल भारतीय नौसेना को तीन तोपों की पहली खेप मिल चुकी है.
अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के बीच भारत सरकार भी अलर्ट हो गई है. रक्षा मंत्रालय ने अपने डिफेंस सिस्टम मजबूत करने के लिए SRGM (सुपर रैपिड गन माउंट) तोपों को इस्तेमाल करने का फैसला किया है. यह तोप सभी जंगी बेड़ों में लगाई जाएंगी. 120 गोले प्रति मिनट दागने की क्षमता रखने वाले ये तोप दुश्मन के एयरक्राफ्ट को 16 किमी दूर हवा में मार गिराएंगी.
कानपुर की फील्ड गन फैक्ट्री में इन तोपों के बैरल बनाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है. इसी के साथ तोप का बैरल बनाने में भारत आत्मनिर्भर भी हो गया है. अभी तक इसके लिए हम इटली पर निर्भर थे. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक कानपुर की फील्ड गन फैक्ट्री में बन रही ये स्वदेशी एसआरजीएम तोप जहाजी बेड़ों के आसपास मंडराने वाले मिसाइल, ड्रोन और एयरक्राफ्ट हवा में ही मार गिराएंगे. इनकी अधिकतम मारक क्षमता 16 किमी है.
नेवी को हुई 3 तोपों की डिलीवरी
फील्ड गन फैक्ट्री ने हाल ही में इंडियन नेवी को 3 एसआरजीएम तोपों की डिलीवरी दी है. इसके अलावा 2 और बैरल तैयार हैं. इन्हें अगले महीने नेवी को सौंपा जाएगा. इन 76 एमएम बैरलों को धीरे धीरे सभी जंगी जहाजों में इंस्टाल किया जाएगा. इन तोपों की एक और बड़ी खासियत यह है कि समुद्र के खारे पानी से लगने वाली जंग से भी ये बेअसर होंगी. इसलिए नेवी ने फील्ड गन फैक्ट्री (एफजीके) को बड़ा ऑर्डर दिया है.
कोच्चि पोर्ट पर हुआ परीक्षण
भारतीय नेवी ने केरल के कोच्चि स्थित समुद्री तट पर एसआरजीएम तोपों का फायरिंग परीक्षण किया है. इसके रिजल्ट से उत्साहित रक्षा मंत्रालय ने इन तोपों को सभी जंगी जहाजों में लगाने के आदेश दिए हैं. एडब्ल्यूएआईएल, कानपुर के महाप्रबंधक एहतेशाम अख्तर के मुताबिक इन तोपों का प्रोडक्शन शुरू होने से भारत की इटली पर निर्भरता खत्म हो गई है. उहोंने बताया कि यह एंटी मिसाइल, एंटी ड्रोन और एंटी एयरक्राफ्ट वेपन है, जो अपने लक्ष्य पर गोलों की बौछार करती है. यह एक अचूक डिफेंस सिस्टम है.
इतनी है फायरिंग स्पीड
महाप्रबंधक एहतेशाम अख्तर के मुताबिक एसआरजीएम रैपिड स्पीड में फायर करती है. कॉम्पैक्ट फायरिंग मोड में इसकी स्पीड 85 राउंड प्रति मिनट है, रैपिड फायरिंग में इसकी स्पीड 120 फायर प्रति मिनट तक है. उन्होंने बताया कि इसके रेंज में चाहे मिसाइल हो या ड्रोन या एयरक्राफ्ट, कुछ सेकंड में ही धुआं-धुआं हो जाएगा. वैसे तो इसकी रेंज 16 किमी है, लेकिन यह अपने लक्ष्य को 6 से 8 किमी की दूरी पर आसानी से निशाना बना सकती है.