राम मंदिर चढ़ावा चोरी: केजरीवाल बोले- चंपत राय को अब तक हटाया क्यों नहीं गया?
अयोध्या के राम मंदिर में दानराशि के कथित गबन मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र और यूपी सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि करोड़ों के चंदे की कथित चोरी से राम भक्तों में नाराजगी है और ट्रस्ट महासचिव चंपत राय की भूमिका पर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना चाहिए. केजरीवाल ने पूछा कि चंपत राय को अब तक पद से क्यों नहीं हटाया गया?
अयोध्या के राम मंदिर में दानराशि के कथित गबन मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मामले की निष्पक्ष जांच और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका को लेकर सवाल उठाए. केजरीवाल ने कहा, ‘राम मंदिर से करोड़ों का चंदा चोरी हो गया, राम भक्तों में बहुत गुस्सा है और मन में कई सवाल हैं.’
सरकार से सवाल पूछते हुए पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘पूरे राम मंदिर का कंट्रोल चंपत राय के हाथ में है… सबसे ज्यादा आरोप चंपत राय पर ही लग रहे हैं… उसे अब तक हटाया क्यों नहीं गया? क्या इस बात का डर है कि अगर चंपत राय ने मुंह खोला, तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो जाएंगे?’ केजरीवाल का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राम मंदिर दान प्रकरण की जांच कर रही तीन सदस्यीय SIT अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप चुकी है.
कुछ कर्मचारियों पर FIR की संस्तुति
SIT के अध्यक्ष और लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने पुष्टि की है कि रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) को सौंप दी गई है, लेकिन रिपोर्ट का विवरण गोपनीय होने के कारण फिलहाल उसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. हालांकि सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में गणना कर्मियों के चयन और ट्रस्ट पदाधिकारियों से उनके संबंधों की भी जांच की गई है. कुछ कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की संस्तुति भी की गई है.
ट्रस्ट की अपील पर हो रही है SIT जांच
गौरतलब है कि इस पूरे प्रकरण में अब तक किसी भी व्यक्ति की भूमिका आधिकारिक तौर पर तय नहीं की गई है और न ही किसी के खिलाफ दोष सिद्ध हुआ है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भी पहले कहा जा चुका है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. ट्रस्ट के अनुरोध पर ही उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का गठन किया था, जिसमें लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी लखनऊ रेंज किरण एस और वित्त विभाग के पूर्व विशेष सचिव नीलरतन कुमार को शामिल किया गया.
SIT ने चंपत राय से की थी पूछताछ
जांच के दौरान ट्रस्ट के पदाधिकारियों, कर्मचारियों, बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े लोगों और मंदिर प्रबंधन से संबंधित कई व्यक्तियों से पूछताछ की गई. सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट महासचिव चंपत राय से भी जांच टीम ने बातचीत की है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उनसे पूछताछ गवाह के तौर पर हुई या किसी जिम्मेदारी के संदर्भ में. जांच से जुड़े अधिकारियों ने अब तक किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया है.
वहीं, ट्रस्ट और उससे जुड़े कई लोगों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा. राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा भी सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि आस्था के केंद्र से जुड़ी छोटी से छोटी घटना भी बेहद गंभीर है, लेकिन बिना जांच पूरी हुए किसी को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा था कि चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को तथ्यों के आधार पर ही परखा जाना चाहिए.
