सीएम योगी का अखिलेश-शिवपाल पर तंज, बोले- अब नौकरियों में नहीं चलता चाचा-भतीजा मॉडल
यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 500 लेखा परीक्षकों की नियुक्ति पत्र वितरित करने के दौरान सीएम योगी ने कहा कि अब प्रदेश में नौकरियों के लिए चाचा-भतीजा मॉडल नहीं चलता है. सिरफारिश पर भी नौकरियां नहीं मिलती. योग्य लोगों को अपने आप नौकरी मिल जाती है. उन्होंने कहा पहले की सरकार में नौकरियों के लिए पर्चियां निकला करती थीं.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज सोमवार यानी 04 अप्रैल को यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 500 लेखा परीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए. नियुक्ति पत्र हासिल करने वालों में लेखा परीक्षा विभाग के 371 और स्थानीय निधि लेखा परीक्षा के 129 अभ्यर्थी शामिल हैं.
‘अब नौकरियों में नहीं चलता चाचा-भतीजा मॉडल’
नियुक्ति पत्र वितरित करने के दौरान सीएम योगी ने कहा कि अब प्रदेश में नौकरियों के लिए चाचा-भतीजा मॉडल नहीं चलता है. सिरफारिश पर भी नौकरियां नहीं मिलती. योग्य लोगों को अपने आप नौकरी मिल जाती है. उन्होंने कहा पहले की सरकार में नौकरियों के लिए पर्चियां निकला करती थीं.
‘हमारी एक भी नियुक्ति पर आजतक उंगली नहीं उठी’
सीएम योगी ने आगे कहा कि पहले पहले चाचा-भतीजे सूची भेजते थे, चेयरमैन अपनी मर्जी से भर्ती कर लेते थे. 50 की जगह 75 नियुक्तियां हो जाती थीं. अब 500 भर्तियां हुई हैं और सभी जाति, धर्म व समुदाय के लोग इसमें शामिल हैं. हमारी एक भी नियुक्ति पर आजतक उंगली नहीं उठी है.
राजस्व में बड़ा उछाल
सीएम योगी ने बताया कि साल 2017 से पहले आबकारी (एक्साइज) से केवल 12 हजार करोड़ रुपए का राजस्व मिलता था. लेकिन अब यह बढ़कर 63 हजार रुपये करोड़ हो गया है. पहले तो लूट मची थी. कई हिस्सेदार थे. लेकिन अब पारदर्शिता है. ऐसे में लेखा परीक्षकों की भूमिका और अहम हो जाती है. उन्होंने कहा कि नगर निगम और नगर पालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लिए भी लेखा परीक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण है. वे आय-व्यय का सही आकलन कर निकायों को मजबूत बना सकते हैं.
जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर का भी जिक्र
सीएम योगी ने सपा सरकार में शुरू हुए जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट वित्तीय कुप्रबंधन का बड़ा उदाहरण है 220 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को 860 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी सपा सरकार ने पूरा नहीं किया था. यह पैसा किसी व्यक्ति या सरकार का नहीं. ऐसे दर्जनों प्रोजेक्ट और मामले हैं, जिनमें पिछली सरकार मेंकरोड़ रुपए का दुरुपयोग हुआ.