चार सांसद और अजय राय… राम मंदिर विवाद के बीच कल अयोध्या पहुंचेगा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस मंगलवार को अयोध्या में बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम करेगी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल रामलला के दर्शन, हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना और संतों से मुलाकात करेगा. कांग्रेस का कहना है कि भगवान राम पूरे देश की आस्था के केंद्र हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय Image Credit: फाइल फोटो

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति लगातार गरमाई हुई है. एसआईटी जांच, गिरफ्तारियां, ट्रस्ट में बदलाव की चर्चा और संत समाज के विरोध के बीच अब कांग्रेस भी इस मुद्दे पर खुलकर मैदान में उतरने जा रही है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल कल (मंगलवार) अयोध्या पहुंचेगा. कांग्रेस नेताओं का कार्यक्रम रामलला के दर्शन, हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना और संतों से मुलाकात का है.

कांग्रेस का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब राम मंदिर में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर है. एक ओर प्रदेश सरकार की ओर से गठित एसआईटी जांच कर रही है, दूसरी ओर विपक्ष इस पूरे मामले में ट्रस्ट की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है. ऐसे में कांग्रेस का अयोध्या दौरा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है.

अजय राय के नेतृत्व में पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल अयोध्या पहुंचेगा. कार्यक्रम के अनुसार प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले सरयू तट पर जाएगा, जहां धार्मिक अनुष्ठान के बाद हनुमानगढ़ी में दर्शन करेगा. इसके बाद सभी नेता श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे. पार्टी का कहना है कि भगवान श्रीराम पूरे देश की आस्था के केंद्र हैं और उनके दर्शन करना हर भारतीय का अधिकार है.

चढ़ावा विवाद पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस

प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के चार सांसद (तनुज पुनिया, उज्ज्वल रमण सिंह, केएल शर्मा और राकेश राठौर) के साथ कई सीनियर नेता मौजूद रहेंगे. कांग्रेस यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि भगवान राम किसी एक राजनीतिक दल की विचारधारा तक सीमित नहीं हैं. कांग्रेस इस दौरे के जरिए चढ़ावा चोरी के मामले को भी प्रमुखता से उठाएगी. पार्टी का आरोप है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है.

ट्रस्ट के पुनर्गठन का मुद्दा भी उठेगा

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए. पार्टी पहले भी इस मामले में उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग कर चुकी है. पार्टी का कहना है कि यदि जांच में प्रशासनिक कमियां सामने आती हैं तो ट्रस्ट की व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

क्यों अहम है कांग्रेस का यह दौरा?

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस लगातार अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा रही है. पार्टी सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक सभी मुद्दों पर जनता के बीच जाने की कोशिश कर रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अयोध्या का यह दौरा कांग्रेस की व्यापक रणनीति का हिस्सा हो सकता है. पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि वह भगवान राम और सनातन परंपरा के प्रति सम्मान रखती है.

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