लखनऊ में फर्जी IPL टिकट गिरोह का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार; ऐसे करते थे धोखाधड़ी
लखनऊ में फर्जी आईपीएल टिकट बेचने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, ये सभी इकाना स्टेडियम के बाहर नकली टिकट बेच रहे थे. गिरफ्तार चारों आरोपी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं, ये जाली टिकटों को ऊंचे दामों पर बेचकर लोगों से धोखाधड़ी करते थे.
लखनऊ पुलिस ने फर्जी IPL टिकट बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. साइबर सेल टीम और थाना सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, ये सभी इकाना स्टेडियम के बाहर नकली टिकट बेच रहे थे. गिरफ्तार चारों आरोपी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं, ये जाली टिकटों को ऊंचे दामों पर बेचकर लोगों से धोखाधड़ी करते थे.
पुछताछ में खुलासा हुआ है कि ये सोशल मीडिया से मूल टिकटों की तस्वीरें प्राप्त कर Corel Draw और ChatGPT की सहायता से नकली टिकट बनाते थे. असली टिकट की तरह दिखने वाले टिकटों को डिजाइन एवं एडिट कर लोगों को ऊंचे दामों पर बेचा जाता था. साथ ही दर्शकों को असली टिकट बताकर UPI के माध्यम से रुपये प्राप्त किये जाते थे.
जालौन निवासी के साथ ठगी के बाद हुआ खुलास
जालौन निवासी प्रदीप सिंह पुत्र इन्द्रपाल सिंह ने थाना सुशांत गोल्फ सिटी पर लिखित तहरीर देकर इसकी शिकायत की थी. उन्होंने बताया कि वह आईपीएल मैच देखने लखनऊ के इकाना स्टेडियम गए थे. जहां स्टेडियम के बाहर अज्ञात व्यक्तियों से उसने दो टिकट खरीदे और उनके द्वारा बताए गए UPI पर 1000 रुपये ऑनलाइन भुगतान किया.
लेकिन जब वह टिकट लेकर स्टेडियम गेट पर पहुंचे तो टिकट चेक कर रहे कर्मचारियों द्वारा बताया गया कि टिकट फर्जी (Fake Ticket) हैं. इसके बाद पीड़ित ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने BNS की धारा 318(4) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. साथ ही बुधवार शाम को दोदनखेड़ा चौराहे के पास से चारों को गिरफ्तार किया.
पुलिस ने छत्तीसगढ़ के इन चार आरोपियों को दबोचा
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान विश्वजीत साहू पुत्र विजय साहू, श्रीकान्त पुत्र तुलसीदास बोरकर, नूतन कुमार पुत्र पारस नाथ साहू और राजेन्द्र पुत्र स्व. आधारीलाल चौधरी के रुप में की गई. पुलिस ने इनके कब्जे से फर्जी आईपीएल टिकट, मोबाइल फोन, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से संबंधित विवरण एवं घटना में प्रयुक्त रिट्ज कार बरामद किया है.
आरोपी राजेन्द्र ने पूछताछ में बताया गया कि वह अपने मित्र श्रीकान्त बोरकर के साथ पार्टनरशिप में कार वॉशिंग का कार्य करता है. आर्थिक तंगी एवं नया ऑफिस खोलने के लिए पैसों की आवश्यकता के कारण वह परेशान चल रहा था. इसी दौरान विश्वजीत साहू और नूतन साहू के साथ मिलकर फर्जी आईपीएल टिकट बनाकर बेचने की योजना बनाई थी.
कोई डिजाइनर, तो कोई करता था नकली टिकट तैयार
गिरोह में आरोपी विश्वजीत साहू 2D/3D डिजाइनर, फर्जी टिकट एडिटिंग का कार्य करता था. श्रीकान्त बोरकर कार वॉशिंग व्यवसाय एवं डिजाइनिंग काम करता है, नूतन कुमार साहू आर्किटेक्ट/डिजाइनर और आरोपी राजेन्द्र चौधरी Instagram और YouTube से असली टिकटों की फोटो डाउनलोड करता था, जिसे एडिट कर नकली टिकट तैयार किए जाते थे.