सर्व ब्राह्मण समाज ने की ‘घूसखोर पंडत’ पर बैन लगाने की मांग, मायावती की तारीफ भी की
सर्व ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष मिश्रा ने विवादित फिल्म के खिलाफ आवाज बुलंद की है. उन्होंने कहा कि फिल्म समाज में नफरत और वैमनस्य फैला रही है, ब्राह्मण समाज का अपमान कर रही है. आशुतोष मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का खुलकर आभार जताया, क्योंकि उन्होंने फिल्म को ब्राह्मण सम्मान के खिलाफ करार दिया.
मनोज बाजपेयी की विवादित फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर पूरे देश में जबरदस्त आक्रोश है. नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली इस फिल्म के शीर्षक और कंटेंट को ब्राह्मण समाज के खिलाफ अपमानजनक बताते हुए विभिन्न संगठनों और नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है. लखनऊ, भोपाल समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कई जगहों पर एफआईआर दर्ज की गई है और दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका भी दायर हुई है.
इस फिल्म का सर्व ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष मिश्रा ने भी विरोध किया. इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का खुलकर आभार व्यक्त किया, क्योंकि उन्होंने इस फिल्म को समाज में नफरत और वैमनस्य फैलाने वाला कदम करार दिया और ब्राह्मण समाज के सम्मान की रक्षा के लिए साहसिक कदम उठाया. आशुतोष मिश्रा ने कहा कि आज जब बड़े-बड़े नेता, तथाकथित बुद्धिजीवी और कई राजनीतिक दल पूरी तरह मौन हैं, तब मायावती जी ने ब्राह्मण समाज की आवाज बुलंद की है.
सर्व ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष मिश्रा ने याद दिलाया कि बहुजन समाज पार्टी में ब्राह्मणों को जो सम्मान और प्रतिनिधित्व मिला था, उसे समाज आज भी नहीं भूला है, बहन जी समय-समय पर ब्राह्मणों के हितों की रक्षा के लिए खुलकर बोलती रहती हैं, जबकि सत्ताधारी दल और अन्य पार्टियों में बैठे कई ब्राह्मण नेता इस अपमान पर चुप्पी साधे हुए हैं. आशुतोष मिश्रा ने कड़े शब्दों में कहा कि जो भी ब्राह्मण हित, सम्मान और एकता की सच्ची बात करेगा, ब्राह्मण समाज उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा और वही उत्तर प्रदेश में राजनीतिक रूप से मजबूत स्थिति हासिल करेगा.
फिल्म पर बैन लगाने की मांग
आशुतोष मिश्रा ने कहा कि अगर सोशल मीडिया पर आम जनता और ब्राह्मण समाज एकजुट नहीं होता, तो यह फिल्म चुपचाप ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो जाती, लेकिन जनजागरण और सामूहिक विरोध ने इसे राष्ट्रीय स्तर की बहस का विषय बना दिया है. सर्व ब्राह्मण समाज ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि इस फिल्म पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा समाज में द्वेष और वैमनस्य फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए.