गोमती नदी में कूदी युवती, 10 घंटे बाद युवक ने लगाई छलांग; सामने आई ये वजह
लखनऊ की गोमती नदी में एक युवती और युवक ने घरेलू कलह के चलते आत्महत्या का प्रयास किया. दोनों ने अलग-अलग समय पर नदी में छलांग लगाई, लेकिन गोताखोरों और पुलिस की मुस्तैदी से उन्हें बचा लिया गया. यह घटना मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों के गंभीर परिणामों को दर्शाती है, जिस पर तत्काल ध्यान देना आवश्यक है.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक युवती और युवक ने गोमती नदी में कूद कर जान देने की कोशिश की है. गनीमत रही कि मौके पर मौजूद गोताखोरों ने इन्हें बचा लिया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों से पूछताछ की. इस दौरान इन दोनों ने हैरतंगेज वजह बताई है. फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की जांच कर ही है. पुलिस के मुताबिक युवती रविवार की शाम को कूदी थी, जबकि युवक सोमवार की सुबह नदी में कूद कर जान देने की कोशिश की है.
पुलिस की पूछताछ में युवती ने अपनी पहचान राजाजीपुरम निवासी के रूप में बताया है. युवती के मुताबिक वह प्राइवेट नौकरी करती है. घर में हुए विवाद की वजह से रविवार की देर रात करीब 11:30 बजे वह गोमती नदी के पुल पर पहुंची और वहां से नीचे छलांग लगा दिया था. उसे नदी में कूदते देखकर मौके पर अफरा तफरी मच गई. वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी. इस सूचना पर पहुंचे अंबेडकर चौकी इंचार्ज एसआई अंकित ने गोताखोरों की मदद से युवती को सर्च करके नदी से बाहर निकाला.
7 घंटे बाद युवक ने लगाई छलांग
पुलिस के मुताबिक सोमवार की सुबह करीब 6 बजे सिविल अस्पताल के पास पार्क रोड निवासी सचिन जायसवाल (38) ने भी नदी में छलांग लगा दी. वहां से गुजर रहे लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से सचिन को भी सुरक्षित बाहर निकाला और उसके भाई अंकित जायसवाल को सूचना दी. भाई के आने के बाद दोनों से पुलिस ने पूछताछ की और उसके सुपुर्द कर दिया.
जीवन पर भारी पड़ा घरेलू कलह
पुलिस के मुताबिक युवती का इलाज लोहिया अस्पताल में चल रहा है. सूचना मिलने पर उसके परिवार वाले भी अस्पताल पहुंचे, जहां जरूरी औपचारिकता के बाद युवती को उन्हें सुपुर्द कर दिया गया. पुलिस के मुताबिक घर में आए दिन वाले विवाद की वजह से युवती मानसिक रूप से थोड़ा परेशान थी. इसी परेशानी की वजह से उसने सुसाइड करने का फैसला लिया. उधर, सचिन ने भी इस कदम के लिए घरेलू कलह को ही जिम्मेदार बताया है.