बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र देरी से बनवाया? अब देना होगा 10 गुना ज्यादा लेट फी

अगर आपने अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र या फिर अपने परिजनों का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में देरी करते हैं तो आपको 10 गुना ज्यादा लेट फी देना पड़ेगा. सरकार के नए नियमों नियमों के मुताबिक 21 दिन तक ये सभी सर्टिफिकेट फ्री में बन सकते हैं. लेकिन इसके बाद इन्हें बनवाने के लिए लेट फी जमा करना होगा.

जन्म प्रमाण पत्र में देरी पर देना होगा लेट फी Image Credit:

यूपी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नियमों में कई बदलाव कर दिए गए हैं. अब जन्म से 21 दिन बाद अपने नवजात के बर्थ सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई करने पर लेट फी दिया जाएगा. पहले 21 से 30 दिन के अंदर पंजीकरण कराने पर दो रुपये विलंब शुल्क लगता था. अब यह 20 रुपये कर दिया गया है. वहीं, 30 दिन से एक साल के अंदर पंजीकरण कराने पर 5 रुपये की जगह अब 50 रुपये देने होंगे. वहीं, एक साल बाद पंजीकरण कराने वालों को 10 रुपये की जगह 100 रुपये देने होंगे.

एक साल की देरी डीएम या एसडीएम से भी अनुमति लेनी होगी

अगर आपने अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र को बनवाने में एक साल की देरी कर दी है तो पंजीकरण बनवाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट या एसडीएम से भी अनुमति लेनी होगी. इसके अलावा अगर जन्म के वक्त बच्चे का पंजीकरण कराया गया, लेकिन नाम नहीं रखा गया था तो इस बारे में माता-पिता को 12 महीने के अंदर रजिस्ट्रार को सूचना देना होगा.

देरी पर अर्थदंड लगाने का प्रावधान

सरकार ने 12 महीने 15 वर्ष के अंदर नाम समेत पंजीकरण कराने पर अर्थदंड लगाने का भी प्रावधान किया है. नाम या पंजीकरण में किसी भी तरह की गलती पर जिला रजिस्ट्रार को आवेदन देकर सही कराया जा सकता है. जन्म या मृत्यु पंजीकरण प्रमाण पत्र खोने की स्थिति में पहले एक वर्ष में एक आवेदन के लिए दो की जगह 20 रुपये देना होगा. अगर इसको लेकर अगले साल अप्लाई करते हैं तो 5 की जगह 50 रुपये देने होंगे.

कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसला

ये सभी फैसले सीएम योगी की अध्यक्षता में सोमवार यानी 18 मई को आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए गए. सरकार ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नियमों को बदलाव की मंजूरी दे दी है. इन नियमों को इसलिए कड़ा किया गया है कि परिजन लापरवाही किए बिना इन डॉक्यूमेंट को जल्द बनवा लें. साथ ही इन्हें बनवाने में किसी तरह की कोई अनियमितता ना हो.

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