आपको आने वाला है हार्ट अटैक पहले ही चल जाएगा पता, KGMU-CDRI ने बनाया ऐसा बायो मार्कर

केजीएमयू और सीडीआरआई ने मिलकर बायो मार्कर तैयार किया है. इस बायो मार्कर की खास बात ये है कि यह पहले ही बता देगा कि आपको हार्ट अटैक आने की कितनी आशंका है. ऐसा होने से कई मरीजों की जान समय रहते ही बचाई जा सकेगी.

हार्ट अटैक ( प्रतीकात्मक तस्वीर) Image Credit:

सर्दियों के वक्त हार्ट अटैक के केसेज में बढ़ोतरी रिकॉर्ड की जा रही है. उन मरीजों के लिए यह मौसम जानलेवा साबित हो रहा है जिन्हें हार्ट अटैक और बीपी की शिकायत है. अब इस समस्या को देखते हुए केजीएमयू के कई विभागों के डॉक्टर्स और सीडीआरआई के वैज्ञानिकों ने साथ मिलकर बायो मार्कर विकसित किया है.

हार्ट के मरीजों के लिए वरदान हो सकता है ये बायो मार्कर

यह बायोमार्कर टाइग इंडेक्स (ट्राइग्लिसराइड ग्लूकोज इंडेक्स) समय रहते हुए हार्ट अटैक आने की आशंका को पकड़ लेगा, जिससे मरीज को समय रहते ही इलाज मिल सकेगा. बता दें कि डायबिटिक मरीजों को सबसे ज्यादा हार्ट की बीमारी होने का खतरा होता है.

175 मरीजों पर किया गया शोध

बता दें इस बायोमार्कर के जरिए 175 टाइप-2 मरीजों पर शोध किया गया. इनमें तकरीबन 50 मरीज ऐसे थे, जिन्हें हार्ट अटैक हो चुका था. वहीं, 125 मरीज ऐसे थे जिन्हें कभी हार्ट अटैक नहीं आया था. इन 175 लोगों में जिन मरीजों का टाइग इंडेक्स अधिक मिला, उनमें हार्ट अटैक का खतरा अधिक पाया गया. इन मरीजों की बॉडी में मास इंडेक्स, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्राल और यूरिया स्तर भी अधिक पाया गया.

हार्ट अटैक आने की कितनी है आशंका, कैसे मापा जाता है?

बता दें कि टाइग इंडेक्स में मरीज का फास्टिंग ब्लड शुगर और फास्टिंग ट्राइग्लिसराइड मापा जाता है. फिर मानक के हिसाब से इसका इंडेक्स निकाला जाता है. फिर उस मानक के हिसाब मरीज में हार्ट अटैक होने की आशंका कितनी है, यह पता किया जाता है. बता दें केजीएमयू और सीडीआरआई के इस शोध को जर्नल ऑफ फैमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केयर ने स्वीकार किया है.

क्या है बायो मार्कर?

बायो मार्कर शरीर में पाए जाने वाले ऐसे संकेत हैं, जिन्हें मापने पर किसी सामान्य या असामान्य जैविक प्रक्रिया, बीमारी की आशंका, शरीर की किसी स्थिति के बारे में जानकारी मिलती. इस टेस्ट के जरिए डॉक्टर किसी भी गंभीर बीमारी का पहले पता लगाने और प्रभावी इलाज कर मरीज को समय रहते बचा सकते हैं.