‘सिर्फ मुसलमानों से ही क्यों? पहले KGMU अपना कागज दिखाए’, मजार हटाने के अल्टीमेटम पर बढ़ा विवाद
लखनऊ के KGMU में अवैध मजारों को हटाने के 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया हैं. इसके विरोध में शाहमीना शाह कमेटी, ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन और सपा विधायक सहित कई नेताओं ने बैठक की. इसमें कहा गया कि यह मज़ार 500 साल पुरानी है, KGMU पहले अपना कागज दिखाए.
लखनऊ स्थित KGMU में अवैध मजारों को हटाने का नोटिस दिया गया है. KGMU ने 15 दिनों में मजार के दस्तावेज दिखाने की बात कही है. इसके बाद मजारों को हटा दिया जाएगा. इसके विरोध में रविवार को शाहमीना शाह कमेटी, ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन और सपा विधायक सहित कई नेताओं ने बैठक की. इसे प्रशासन का खतरनाक मजाक बताया गया.
समुदाय ने इस कार्रवाई को शर्मनाक बताते हुए कोर्ट जाने का फैसला किया है. उनका कहना है कि ये मज़ारें 600 साल पुरानी हैं और KGMU की स्थापना से पहले से मौजूद हैं. KGMU को अंग्रेज़ो ने बनाया था, पहले वो अपना कागज दिखाए, सिर्फ हमारे कौम से ही कागजात क्यों मांगा जा रहा है. बुलडोजर चलाया गया तो उलसेको मेरे ऊपर से होकर गुजरना पड़ेगा.
बुलडोजर को मेरे ऊपर से गुजरना पड़ेगा- सपा MLC
मजारों पर बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन के सेक्रेट्री जनरल सैयद बबर अशरफ ने बैठक बुलाई थी. उन्होंने बताया कि जिस तरह से KGMU ने मजारों को अवैध बताते हुए नोटिस जारी किया है यह बहुत ही शर्मनाक है. जिस समय यह दरगाह और मजार बनी थी उस समय KGMU की स्थापना नहीं हुई थी, यह मज़ार 500 साल पुरानी है.
उन्होंने कहा कि हम KGMU से इस मामले पर बात ना करके सीधे कोर्ट जाएंगे. अगर इस मजारों पर किसी तरह की कोई कार्रवाई हुई तो हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे. बैठक में सपा MLC रविदास मल्होत्रा भी शामिल हुए. उन्होंने कहा कि मजारों को टारगेट कर माहौल खराब करने की कोशिश है. अगर बुलडोजर पहुंचा तो उसको मेरे ऊपर से गुजरना पड़ेगा.
अवैध कब्जा कर KGMU को बनाया गया था- शिया धर्म गुरु
शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जवाद भी शाहमीना शाह मजार पर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि KGMU को अंग्रेज़ो ने बनाया था, पहले वो अपना कागज दिखाए, सिर्फ हमसे कागज क्यों मांगा जा रहा है. हिंदुस्तान में हर तरह के फूल है सभी धर्म के लोग रहते है इस गुलसितां को नहीं तोड़िये. अगर आज सरकार से 30 साल पुराना कागज मांगे जाएं तो नहीं मिलेंगे.
उन्होंने कहा, ‘अगर आज आप सरकार से 30 साल पुराना कागज मागेंगे, तो वो कहेंगे की मेरे पास इसका कोई रिकोर्ड नहीं… केरल में 1400 साल पुरानी मस्जिद है उसका कागज कहां से आएगा. खतरनाक मजाक प्रशासन मेरे कौम के साथ कर रहा है. इतिहास है कि यहां पर पहले मकान थे, उसपर अवैध कब्जा कर KGMU को बनाया गया था.