‘घर खाली करो, वरना सबको निकाल देंगे’, लखनऊ में रिकवरी एजेंट की धमकी और नोटिस चस्पा के बाद बुजुर्ग की मौत
लखनऊ में बैंक लोन रिकवरी एजेंट की कथित धमकियों से परेशान एक बुजुर्ग की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई.परिवार का आरोप है कि एजेंट लगातार घर खाली करने और जबरन सेटलमेंट के लिए दबाव बना रहा था, जिससे मृतक मानसिक तनाव में थे.
लखनऊ के सहादतगंज थाना क्षेत्र में एक दुखद और ह्दयविदारक घटना सामने आई है. रामनगर में बैंक लोन रिकवरी एजेंट की कथित धमकियों से परेशान एक 55 वर्षीय बुजुर्ग की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. आरोप है कि कुछ दिन पहले रिकवरी एजेंट मकान पर नोटिस चस्पा कर दिया, और परिवार को घर खाली करने की धमकी भी दी थी.
जानकारी के मुताबिक, मृतक बुजुर्ग की पहचान 55 वर्षीय अबरार अली के रुप में हुई है. पत्नी अफ्शा बानो ने बताया कि धमकी और नोटिस चस्पा के बाद अबरार अली तनाव में रहने लगे थे. दो दिन पहले अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी. परिवार अस्पताल लेकर पहुंचा तो डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की बात बताई. फिर बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
घर के लोगों को बाहर निकालने की धमकी
मृतक की पत्नी अफ्शा बानो के मुताबिक, बैंक की ओर से लोन की रिकवरी को लेकर उनके पति को लगातार परेशान किया जा रहा था. करीब चार दिन पहले रिकवरी एजेंट घर आया और बाहर नोटिस चस्पा कर दिया. परिवार का आरोप है कि एजेंट ने मकान खाली करने की बात कही और ऐसा नहीं करने पर घर के लोगों को बाहर निकालने की धमकी दी.
परिवार का आरोप है कि एजेंट लगातार घर खाली करने और जबरन सेटलमेंट के लिए दबाव बना रहा था, जिससे मृतक मानसिक तनाव में थे. परिजन अब एजेंट के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
24 लाख का लोन, 16 लाख चुकाने का दावा
परिवार का कहना है कि अबरार अली ने बैंक से करीब 24 लाख रुपये का लोन लिया था और अब तक करीब 16 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका था. पत्नी का आरोप है कि बैंक की ओर से करीब 31 लाख रुपये के सेटलमेंट को लेकर बार-बार दबाव बनाया जा रहा था.
मृतक के दामाद ने बताया कि अबरार अली परिवार में अकेले कमाने वाले थे और पिकअप चलाकर परिवार का खर्च उठाते थे. उनका आरोप है कि बैंक से स्टेटमेंट मांगने पर भी सही जानकारी नहीं दी जा रही थी.
पहले भी आया था हार्ट अटैक
परिजनों के मुताबिक, करीब नौ महीने पहले भी लोन रिकवरी को लेकर अबरार अली तनाव में थे. उस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें हार्ट अटैक आया था. बाद में उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी. परिवार का आरोप है कि हाल में घर पर नोटिस चस्पा किए जाने और मकान खाली करने के दबाव के बाद उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई.
परिजनों का कहना है कि अब तक परिवार की जमा पूंजी का बड़ा हिस्सा बैंक का कर्ज चुकाने में चला गया.अब अबरार अली की मौत के बाद परिवार ने रिकवरी एजेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. परिजनों ने पुलिस से शिकायत करने की बात कही है. पुलिस शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच करेगी.