‘एक भी जिम्मेदार नहीं बचेगा’, KGMU पहुंचे CM योगी… हादसे के एक और Video

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे KGMU पहुंचे और घायल बच्चों का हालचाल जाना. उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया. सीएम ने कहा कि इस दर्दनाक हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने डॉक्टरों को घायलों के इलाज में कोई कमी न छोड़ने के निर्देश दिए. इस बीच सामने आए वीडियो में बच्चों को बिजली के केबल के सहारे जान बचाते देखा गया, जिसने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.

घटनास्थल पर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ Image Credit:

लखनऊ के अलीगंज के पुरनिया इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे में घायल बच्चों का हालचाल जाना और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया. अस्पताल का माहौल उस वक्त बेहद भावुक हो गया, जब अपनों को खो चुके परिवारों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे और मुख्यमंत्री खुद उनके बीच पहुंचकर उनका दर्द साझा किया.

सीएम योगी ने पीड़ित परिजनों से बातचीत के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया कि इस दर्दनाक हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.उन्होंने कहा कि सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घटना की तह तक जाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सीएम ने कहा, ‘आपको न्याय मिलेगा. एक भी जिम्मेदार अधिकारी या संबंधित व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा… सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी.’

‘इलाज में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे’

मुख्यमंत्री योगी ने अस्पताल प्रशासन को घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए और कहा कि सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने डॉक्टरों से एक-एक घायल की स्थिति की जानकारी ली और उपचार की लगातार निगरानी करने को कहा. इस दौरान मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल उन परिवारों का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का दुःख है.

घटना का एक और वीडियो वायरल

अपना आगरा और अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द करके घटनास्थल पर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने दमकल विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई. इस बीच दर्दनाक अग्निकांड को लेकर अब एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने हादसे की भयावहता को और भी स्पष्ट कर दिया है. वीडियो में दिखाई दे रहा है कि आग लगने के बाद बिल्डिंग में फंसे बच्चों ने अपनी जान बचाने के लिए किस तरह मौत से मुकाबला किया.

हिम्मत दिखाकर बचाई अपनी जान

किसी ने हिम्मत जुटाकर ऊंचाई से छलांग लगाई, तो कई बच्चों ने बिजली के केबल को ही सहारा बनाकर नीचे उतरने की कोशिश की. प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो के मुताबिक, आग और धुएं से घिरे बच्चों के पास बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा था. ऐसे में कई बच्चों ने अपनी सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए बिल्डिंग से बाहर निकले बिजली के केबल पकड़कर नीचे उतरना शुरू कर दिया.

बताया जा रहा है कि जिन बच्चों ने हिम्मत दिखाई और जोखिम उठाया, उनमें से कई अपनी जान बचाने में सफल रहे. वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि बच्चे खिड़कियों और बाहरी हिस्से तक पहुंचकर बिजली के केबल का सहारा ले रहे हैं. नीचे खड़े स्थानीय लोग भी उन्हें सुरक्षित उतारने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं. हादसे के बीच इंसानियत की यह तस्वीर भी सामने आई कि लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को बचाने का प्रयास किया.

बाथरूम में बंद हो गए थे कई बच्चे

वहीं, कुछ बच्चे घबराहट में खुद को बाथरूम के अंदर बंद कर बैठे. उन्हें उम्मीद थी कि बंद कमरा उन्हें आग से बचा लेगा, लेकिन धीरे-धीरे पूरे भवन में धुआं भर गया. शुरुआती जानकारी के अनुसार, जिन बच्चों की हिम्मत जवाब दे गई और जो बाहर निकलने का रास्ता नहीं तलाश सके, उनकी दम घुटने से मौत हो गई. हादसे के दौरान दो बच्चों ने पहली मंजिल से छलांग लगाकर जान बचाने की कोशिश की. हालांकि, इस दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए.

दमकल की लापरवाही पर सवाल

चिकित्सकों के अनुसार, एक घायल बच्चे को रीढ़ की गंभीर चोट आई है. सभी घायलों का इलाज KGMU ट्रॉमा सेंटर में जारी है. इस हादसे ने एक बार फिर कमर्शियल इमारतों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. नया वीडियो यह बताने के लिए काफी है कि आपात स्थिति में बच्चों के पास सुरक्षित निकास का अभाव था. अगर अग्निशमन ने पर्याप्त इंतजाम किए होते, तो शायद कई मासूम जिंदगियां बचाई जा सकती थीं.

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