अब लखनऊ में 1090 चौराहे पर नहीं लगेगा जाम, फ्लाईओवर को मिली हरी झंडी, इतने समय के अंदर पूरा करना होगा काम

1090 चौराहे के आसपास लगने वाले भीषण जाम से लखनऊ वासियों को छुटाकारा मिल सकता है. अगले 2 साल के अंदर 1090 चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण हो जाएगा. इसके लिए हरी झंडी भी मिल गई है. 3 महीने के अंदर टेंडर प्रक्रिया पूरा होने के बाद इसका काम शुरू हो जाएगा.

1090 चौराहे पर बनेगा फ्लाईओवर Image Credit:

शहर की सबसे व्यस्त जगहों में शुमार 1090 चौराहा और समतामूलक चौक पर ट्रैफिक जाम से निजात मिलने वाली है. ग्रीन कॉरिडोर योजना के तीसरे चरण में बैकुंठधाम से ला मार्टिनियर बॉयज स्कूल तक प्रस्तावित 4-लेन फ्लाईओवर को अंतिम मंजूरी मिल गई है. स्मारकों एवं पार्कों की रखरखाव की प्रबंध समिति ने आवश्यक एनओसी जारी कर दी है. इससे इस महत्वपूर्ण परियोजना का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.

इस फ्लाईओवर की लंबाई 2.02 किलोमीटर रखी जाएगी. वहीं, चौड़ाई 4 लेन की रहेगी. इसकी अनुमानित लागत लगभग 570 करोड़ रुपये होगी. इस फ्लाईओवर का निर्माण अगले 2 साल यानी 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के परियोजना प्रबंधक एके सेंगर ने बताया कि फ्लाईओवर 1090 चौराहे के ठीक ऊपर से नहीं गुजरेगा, बल्कि उसके पास से होकर जाएगा. इससे चौराहे की मौजूदा संरचना पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी.

अगले 3 महीने में टेंडर प्रक्रिया होगी पूरी

इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया अगले तीन महीने में पूरी कर ली जाएगी. इस फ्लाइओवर का रूट में 1090 चौराहे के पास डॉक्टर भीमराव अंबेडकर गोमती पार्क, गोमती विहार खंड-1, 2 और 3 से गुजरेगा. ऐसे में बसपा सरकार काल में बने स्मारक भीमराव अंबेडकर पार्क और यहां की हरियाली प्रभावित हो सकती है, इसलिए प्रबंध समिति से अनुमति लेना जरूरी थी. 20 फरवरी को प्रमुख सचिव आवास की अध्यक्षता में हुई बैठक में एलडीए के मुख्य अभियंता ने पूरी योजना को सामने रखा. फिर समिति ने इस फ्लाईओवर को जनहित के लिए आवश्यक मानते हुए निम्न शर्तों पर एनओसी दी.

पार्कों में लगी मूर्तियां और अन्य संरचनाएं प्रभावित नहीं होंगी

बैठक में यह भी फैसला लिया गया है कि निर्माण के दौरान पार्कों में लगी मूर्तियां और अन्य संरचनाएं किसी भी तरह क्षतिग्रस्त नहीं होंगी. पार्कों की हरियाली और सौंदर्य को एलडीए अपने खर्च पर पूरी तरह बहाल रखेगा. फ्लाईओवर के प्रभाव क्षेत्र में आने वाली जमीन का स्वामित्व परिवर्तन नहीं होगा और पार्कों का मूल स्वरूप बरकरार रहेगा. वर्तमान में पीक आवर्स में 1090 चौराहा, समतामूलक चौक, कालीदास मार्ग, विक्रमादित्य मार्ग और आसपास के इलाकों में लंबा जाम लगता है.

गंतव्य तक पहुंचने में समय की होगी बचत

बैकुंठधाम से ला मार्टिनियर बॉयज स्कूल तक प्रस्तावित 4-लेन फ्लाईओवर के बनने के बाद आईआईएम रोड से गोमती नगर, शहीद पथ, इकाना स्टेडियम, एयरपोर्ट और अयोध्या रोड तक सफर तेज और सुगम होगा .यात्रा में 10-20 मिनट या उससे अधिक समय की बचत होगी. गोमती नदी के किनारे बने ग्रीन कॉरिडोर की उपयोगिता भी बढ़ेगी. बता दें कि ग्रीन कॉरिडोर गोमती नदी के दोनों किनारों पर कुल 28 किलोमीटर की आधुनिक, सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी परियोजना है.

ग्रीन कॉरिडोर योजना के पहले चरण का काम हो चुका है पूरा

ग्रीन कॉरिडोर योजना के तहत पहले चरण में आईआईएम रोड से पक्का पुल तक काम पूरा हो चुका है. दूसरे चरण में निशातगंज और अन्य हिस्सों पर काम तेज है. तीसरे चरण में यह फ्लाईओवर प्रमुख कड़ी बनेगा, जो शहर को पर्यावरण-अनुकूल और जाम-मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा. इससे लोग कम समय में जाम का सामना किए बिना अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकेंगे.