शंकराचार्य का धरना 9वें दिन भी जारी, राजभर बोले- सरकार से टकराहट न करें, स्नान करें और घर जाएं
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच चल रहे विवाद में पंचायती मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी कूद पड़े हैं. राजभर ने कहा कि जैसे कालनेमी ने हनुमान जी के शुभ कार्य में बाधा डाली थी, वैसे ही जब लाखों श्रद्धालु आस्था के साथ गंगा स्नान करने आ रहे हैं, तो शंकराचार्य उसमें बाधा बन रहे है... शंकराचार्य गंगा स्नान करके अपने घर लौट जाएं, मंदिर में पूजा करें और सरकार से टकराहट न करें.
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है. इस मामले में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा नेता ओम प्रकाश राजभर ने तीखा बयान देते हुए शंकराचार्य को कड़ी नसीहत दी है. राजभर ने कहा है कि शंकराचार्य को सरकार से टकराव करने के बजाय अपनी आस्था, पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. इससे पहले डिप्टी सीएम ने शंकराचार्य से स्नान करने की अपील की थी.
दरअसल, शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद की शुरुआत 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन से हुआ, जब भीड़ के कारण पुलिस ने शंकराचार्य को पालकी से संगम स्नान करने से रोक दिया. प्रशासन का कहना था कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कारण ऐसा किया गया, जबकि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे अपमानजनक बताया और धरने पर बैठ गए. इसके बाद उनके शिविर पर कथित हमले की घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया. पिछले 9 दिनों से शंकराचार्य धरना दे रहे हैं.
‘कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है’
पंचायती मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक ओर जनता वीआईपी कल्चर खत्म करने की मांग कर रही है, वहीं शंकराचार्य खुद पालकी से विशेष स्नान की मांग कर रहे हैं, जो विरोधाभासी है. राजभर ने कहा कि देश संविधान और कानून से चलता है… किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है… अगर कहीं जाना हो तो अनुमति लेकर जाएं… बिना परमिशन घुसना और फिर सुरक्षा के नाम पर सरकार पर आरोप लगाना गलत है.
CM योगी के कालनेमि वाले बयान का समर्थन
पंचायती मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘कालनेमि’ वाले बयान का समर्थन भी किया. रामायण का उदाहरण देते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जैसे कालनेमी ने हनुमान जी के शुभ कार्य में बाधा डाली थी, वैसे ही जब लाखों श्रद्धालु आस्था के साथ गंगा स्नान करने आ रहे हैं, तो शंकराचार्य उसमें बाधा बन रहे हैं… उन्होंने सलाह दी कि शंकराचार्य गंगा स्नान करके अपने घर लौट जाएं, मंदिर में पूजा करें और सरकार से टकराहट न करें.
डिप्टी सीएम ने की थी स्नान करने की अपील
ओम प्रकाश राजभर के बयान से उलट डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को कहा था, ‘मैंने प्रार्थना की है भगवान शंकराचार्य से कि वो अपना विरोध को समाप्त करके पवित्र संगम में स्नान करके एक अनुकुल संदेश देने की कृपा करें. मेरी हाथ जोड़कर विनती है, प्रार्थना है. मैं फिर से उनसे प्रार्थना करता हूं कि वह विरोध को त्याग कर संगम में स्नान करें. इससे एक अच्छा संदेश जाए, ऐसी मेरी पुज्य शंकराचार्य से प्रार्थना है.’
