पश्चिमी UP में गरजेंगे बादल, पूर्वांचल में फिर भारी बारिश का अलर्ट, क्या है आपके शहर में मौसम का मिज़ाज?

उत्तर प्रदेश में सक्रिय मानसून एक बार फिर कहर बरपा सकता है. भारतीय मौसम विभाग ने पश्चिमी यूपी और पूर्वांचल के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. इस पूरे हफ्ते बारिश जारी रहने की संभावना है. इसकी वजह से गंगा, यमुना जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिससे कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर है. हालांकि कुछ जगहों पर अब जलस्तर घटने लगा है.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

उत्तर प्रदेश में एक्टिव दक्षिणी पश्चिमी मानसून एक बार फिर मंगलवार को कहर बरपा सकता है. संभावित स्थिति को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र से जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक मंगलवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश हो सकती है. वहीं पूर्वांचल के लगभग सभी जिलों में भारी बारिश के आसार हैं. प्रदेश के इन दोनों हिस्सों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है.

मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को नोएडा-गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में मध्यम से तेज बारिश हुई. गोरखपुर, देवरिया, बनारस और प्रयागराज समेत पूर्वांचल के भी 10 से अधिक जिलों में मध्यम बारिश हुई. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के इन दोनों हिस्सों में मंगलवार को भी बारिश का दौर जारी रहेगा. इस दौरान कहीं तेज तो कहीं धीमी बारिश हो सकती है. कई जगह बिजली कड़कने की भी संभावना है.

इस हफ्ते रोज होगा रेनी डे

मौसम विभाग ने इस पूरे हफ्ते का वेदर बुलेटिन जारी किया है. इसमें रोज कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 अगस्त से 30 अगस्त तक कहीं गरज चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है. वहीं कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. इसी प्रकार पूर्वांचल के अधिकांश जिलों में 26 और 27 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इसके बाद के तीन दिनों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.

कई जिलों में बाढ़ से बुरे हाल

नेपाल और उत्तराखंड के पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश की वजह से उत्तर प्रदेश से गुजरने वाली सभी प्रमुख नदियां और उनकी सहायक नदियां उफान पर हैं. खासतौर पर गंगा, यमुना और घाघरा पहले ही रौद्र रूप ले चुकी हैं. गंगा में बाढ़ की वजह से प्रयागराज और बनारस के अलावा गाजीपुर और बलिया में बड़ा इलाका टापू बन गया है. प्रयागराज और बनारस में तो श्मशान घाटों के डूबने की वजह से अंतिम संस्कार में भी मुश्किलें आ रही हैं.

उतरने लगा गंगा का पानी

प्रयागराज और बनारस में अभी भी बाढ़ की वजह से बुरे हाल हैं, लेकिन बलिया और गाजीपुर में गंगा का पानी उतरने लगा है. उम्मीद है कि अगले एक दो दिनों में इसका असर प्रयागराज और बनारस में भी गंगा के जलस्तर पर पड़ेगा. जानकारों के मुताबिक गंगा का जलस्तर कम होने से यमुना एवं अन्य सहायक नदियों में भी पानी का स्तर नीचे आएगा. फिलहाल बलिया से मिली रिपोर्ट के मुताबिक गंगा अब डूब क्षेत्र से बाहर निकलने लगी हैं.

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