लखनऊ: 4 मोहल्लों से 200 भैंसें पकड़े गए, टीम पर हमले के बाद एक्शन में नगर निगम

लखनऊ के पारा इलाके में नगर निगम की टीम पर हमले के बाद अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है. मंगलवार को तीन थानों की पुलिस और एक कंपनी पीएसी की सुरक्षा में नगर निगम ने कार्रवाई की. चार मोहल्लों में चले अभियान के दौरान करीब 200 भैंसों को पकड़कर कांजी हाउस भेजा गया. मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे. कार्रवाई के दौरान दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया.

करीब 200 भैंसों को पकड़कर कांजी हाउस भेजा गया Image Credit:

लखनऊ के पारा इलाके में नगर निगम की कैटल कैचर टीम पर हमले के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. मंगलवार को नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची. इस दौरान तीन थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी पीएसी के जवान तैनात रहे. सुरक्षा में लगे जवान हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे. भारी पुलिस फोर्स की तैनाती में अभियान चलाया गया.

भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नगर निगम की टीम ने पारा इलाके के चार मोहल्लों में अभियान चलाकर करीब 200 भैंसों को पकड़कर कांजी हाउस भेजा. कार्रवाई के दौरान मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे. इस दौरान दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया. पुलिस का कहना है कि अभी तक चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया और बाकियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है.

‘पुलिस पर हमला स्वीकार नहीं, पूरा इलाका साफ कर देंगे’

कार्रवाई के दौरान मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि पुलिस और नगर निगम की टीम पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिस तरह से पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों पर हमला किया गया, उसके बाद सख्त कार्रवाई की जा रही है. मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा, ‘जो पुलिस आपकी सुरक्षा करती है, उस पर हमला स्वीकार नहीं है… पूरा इलाका साफ कर देंगे.’ उन्होंने कहा कि हमले में दरोगा के सिर पर चोट आई थी.

रविवार को टीम पर हुआ था हमला

दरअसल, रविवार को नगर निगम की टीम एक दरोगा और पुलिसकर्मियों के साथ पारा इलाके में अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी. इसी दौरान डेयरी संचालकों और स्थानीय लोगों ने टीम पर हमला कर दिया था. बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल को लोगों ने खदेड़कर गिरा दिया था. इसके बाद उनके सिर पर पत्थर से हमला किया गया, जिससे वह घायल हो गए. एक आरोपी ने दरोगा का गला दबाया था, जिसका वीडियो खूब वायरल हुआ था.

इस मामले में पशु कल्याण अधिकारी अवधेश कुमार की शिकायत पर पुलिस ने अबरार, इमरान, सालून, सुबिल, सराफत, अतीक, आशिफ, वारिश, नसीम, रानू, जीशान और नाफिश समेत 24 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी. पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया था. सोमवार को दो महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया.

तीन थानों की फोर्स और PAC के साथ पहुंची टीम

रविवार की घटना को देखते हुए मंगलवार को नगर निगम ने पूरी तैयारी के साथ अभियान चलाया. कैटल कैचर टीम के साथ पारा, दुबग्गा और काकोरी थाने की पुलिस मौजूद रही. इसके अलावा एक कंपनी पीएसी बल भी तैनात किया गया. एसीपी काकोरी शकील अहमद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे. पुलिसकर्मियों ने हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.

भारी पुलिस बल देखकर इस बार अवैध डेयरी संचालकों की ओर से रविवार जैसा विरोध देखने को नहीं मिला. नगर निगम की टीम ने सबसे पहले तिकोनिया, गायत्री विहार और ज्ञानेंद्र विहार में अभियान चलाया. यहां करीब 10 घरों और डेयरियों से भैंसों को बाहर निकाला गया. इसके बाद टीम हैदर कैनाल के पास कुल्हरकट्टा रोड होते हुए डिप्टी खेड़ा पहुंची. यहां भी बड़ी संख्या में भैंसें पकड़ी गईं. अकेले डिप्टी खेड़ा क्षेत्र से 80 भैंसों को कैटल कैचर में लादकर भेजा गया.

घरों के अंदर छिपाकर रखी गई थीं भैंसें

कुछ जगह महिलाओं ने टीम के कर्मचारियों का विरोध और गाली-गलौज की, लेकिन भारी पुलिस बल के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं हुई. नगर निगम की कार्रवाई से बचने के लिए कुछ डेयरी संचालकों ने भैंसों को घरों के अंदर बांधकर रखा था. टीम ने घरों के अंदर जाकर भैंसों को खूंटे से खोला और उन्हें कैटल कैचर में लादकर कांजी हाउस भेजा. अभियान के दौरान पुलिस की मौजूदगी के कारण किसी बड़े विरोध की स्थिति नहीं बनी.

‘हमले का सख्त जवाब दिया जाएगा’

मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि यह नगर निगम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई है. उन्होंने कहा कि नगर निगम कर्मचारियों और पुलिस अधिकारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मेयर ने कहा कि पुलिस लोगों की सुरक्षा के लिए है और उस पर हमला किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने साफ किया कि इलाके में अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा.

नगर निगम भैंसों को क्यों पकड़ रहा?

नगर निगम के मुताबिक, शहरी सीमा में अवैध रूप से डेयरी चलाने और आवासीय इलाकों में पशुओं को रखने पर कार्रवाई की जा रही है. नगर निगम का कहना है कि भैंस पालन से जुड़े अवैध डेयरियों के कारण गंदगी और सीवर चोक होने जैसी समस्याएं पैदा होती हैं. नगर निगम ने नगर निगम अधिनियम 1959 का हवाला देते हुए कहा है कि शहरी क्षेत्र में भैंस पालन प्रतिबंधित है और लाइसेंस के तहत अधिकतम दो गाय पालने की अनुमति है.

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