राम मंदिर कथित चंदा घोटाला: कर्मचारी के घर से लाखों रुपये बरामद, अभी भी पुलिस मौन!
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की धनराशि को लेकर उठे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है. जांच के दौरान कर्मचारी लवकुश मिश्रा के घर से लाखों रुपये नकद मिलने का दावा किया गया है, जबकि मामले में पूछताछ और जांच जारी है. ट्रस्ट अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. वहीं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री से SIT जांच कराने का अनुरोध किया है.
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे सवाल के बीच हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं. मंदिर के दानपात्र से कथित धनराशि चोरी के आरोपों ने पूरे प्रदेश में चर्चा छेड़ दी है. बीते दिनों ट्रस्ट के एक कर्मचारी के घर से लाखों रुपये नकद बरामद होने का दावा किया जा रहा है, जबकि ट्रस्ट खुद अब मुख्यमंत्री से एसआईटी जांच की मांग कर चुका है. आखिर क्या है पूरा मामला, कैसे शुरू हुआ विवाद और अब तक क्या-क्या हुआ?
राम मंदिर… करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र… जहां हर दिन देश-दुनिया से आने वाले भक्त दानपात्रों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं, लेकिन अब इसी चढ़ावे को लेकर एक ऐसा विवाद खड़ा हो गया है जिसने मंदिर प्रशासन, पुलिस और सियासी गलियारों तक हलचल मचा दी है. विवाद की शुरुआत तब हुई जब मंदिर के दानपात्रों से मिलने वाली धनराशि में कथित गड़बड़ी की आशंका सामने आई. ट्रस्ट स्तर पर आंतरिक जांच शुरू हुई.
लवकुश के घर पर छापेमारी
जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं और मामला धीरे-धीरे बड़ा होता चला गया. जांच के दौरान रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरान फगौली गांव निवासी लवकुश मिश्रा का नाम सामने आया. बताया गया कि वह कुछ महीनों से मंदिर परिसर में कर्मचारी के रूप में कार्यरत था. इसके बाद पुलिस और ट्रस्ट की टीम ने उसके गांव पहुंचकर कार्रवाई की. परिजनों के मुताबिक, ट्रस्ट और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में घर की तलाशी ली गई.
पिता ने नकदी बरामद होने की पुष्टि की
परिवार का दावा है कि घर से 10 से 12 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. आरोपी के पिता बच्चूलाल मिश्रा ने भी घर से नकदी मिलने की पुष्टि की, हालांकि उन्होंने पैसे के स्रोत की जानकारी होने से इनकार किया. मामला सामने आने के बाद आरोपी कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद नकदी का स्रोत क्या है और क्या इसका संबंध मंदिर के दानपात्रों से है.
हाई कोर्ट में CBI जांच को लेकर PIL
इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े संतों ने भी मामले को गंभीरता से लिया. ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. विवाद यहीं नहीं रुका. मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में जनहित याचिका भी दाखिल कर दी गई. याचिका में एफआईआर दर्ज कराकर सीबीआई जांच की मांग की गई है.
ट्रस्ट ने CM से की SIT जांच कराने की मांग
सबसे बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे प्रकरण की एसआईटी जांच कराने का अनुरोध किया. ट्रस्ट का कहना है कि सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर अफवाहें फैल रही हैं, जिन्हें केवल निष्पक्ष जांच से ही रोका जा सकता है. अब देखना होगा कि सरकार एसआईटी जांच को लेकर क्या फैसला लेती है और हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका पर क्या आदेश आता है.
