लंबी दाढ़ी, खुले बाल… लखनऊ के लोहिया अस्पताल में कर्मचारियों के लिए नया फरमान!

डॉ. राम मनोहर लोहिया आयूर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सख्त और अनोखे नियम लागू किए हैं. पहनावे, शारीरिक बनावट, आई-कार्ड, वर्दी और उपस्थिति पर भारी जुर्माने तय किए गए हैं. महिला कर्मचारियों के लिए जूड़ा, पुरुषों के लिए दाढ़ी पर पाबंदी है.

विवादों में RML का आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए फरमान Image Credit:

लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयूर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सख्त और अनोखे नियम लागू किए हैं. आदेश के अनुसार, महिला कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान बालों का जूड़ा बनाना या हेयरनेट पहनना अनिवार्य होगा. इसका उल्लंघन करने पर ₹200 का जुर्माना लगेगा. वहीं, पुरुष को लंबी दाढ़ी रखना मनाही है.

संस्थान प्रशासन के निर्देश पर आउटसोर्सिंग एजेंसी के कैंप मैनेजर ने यह फरमान निकाला है, उसमें अब कर्मचारियों के पहनावे से लेकर शारीरिक बनावट तक पर जुर्माना तय कर दिया गया है. इसके तहत आई-कार्ड या नेम प्लेट न पहनने पर 100 रुपये का जुर्माना. जबकि निर्धारित यूनिफॉर्म न पहनने पर 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगेगा.

बिना सूचना गैरहाजिर रहने पर ₹2000 का जुर्माना

पुरुष कर्मचारियों को ड्यूटी पर लंबी दाढ़ी या लंबे बाल रखने की मनाही है. ऐसा करने पर ₹200 प्रतिदिन का जुर्माना वसूला जाएगा. आदेश में आगे कहा गया है कि ड्यूटी के दौरान सोना, धूम्रपान करना या शराब का सेवन करना अक्षम्य अपराध माना जाएगा. इनमें से किसी भी उल्लंघन पर आउटसोर्सिंग एजेंसी कर्माचारियों पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगाएगा.

वहीं, अगर कोई कर्मचारी भ्रष्टाचार या अनुचित तरीके से पैसे के लेन-देन में लिप्त पाया गया तो उसे तुरंत नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी. जबकि बिना सूचना के परिसर छोड़ने पर ₹500 का जुर्माना तय किया गया है. वहीं, बिना पूर्व सूचना के ड्यूटी से गैरहाजिर रहने पर 2000 रुपये तक का भारी जुर्माना वसूला जाएगा.

रेगुलर कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा ये नाया फरमान

संस्थान प्रशासन के इस कड़े फरमान को लेकर आउटसोर्सिंग कर्मचारियों में भारी आक्रोश है. उनका आरोप है कि इस तरह के आदेश जारी कर आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर दबाव बनाने का तैयारी है. संस्थान में करीब 4000 आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं, जबकि यह आदेश संस्थान में तैनात रेगुलर कर्मचारियों पर लागू नहीं होता, जिनकी संख्या करीब 1000 है.

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