अखिलेश की ‘जौहर यूनिवर्सिटी बचाओ’ मुहिम शुरू, सपा ने बनाई विशेष टीम, कल जाएगी रामपुर
समाजवादी पार्टी ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर संगठनात्मक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है. अखिलेश यादव के निर्देश पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को रामपुर पहुंचकर जौहर यूनिवर्सिटी की स्थिति का जायजा लेगा. टीम छात्रों, शिक्षकों, प्रबंधन और आंदोलनकारियों से मुलाकात कर अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेगी.
समाजवादी पार्टी ने वरिष्ठ नेता आजम खान की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए अब संगठनात्मक स्तर पर बड़ी रणनीति तैयार कर ली है. पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई है, जो गुरूवार को रामपुर पहुंचकर जौहर यूनिवर्सिटी की स्थिति का जायजा लेगी और विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, छात्रों तथा आंदोलनरत लोगों से मुलाकात करेगी. इस टीम की अगुवाई नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय करेंगे.
जौहर यूनिवर्सिटी की 40 इमारतों में से 38 को अवैध निर्माण मानते हुए रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की है. जिला प्रशासन की ओर से विश्वविद्यालय प्रबंधन को नियमानुसार 15 दिन का समय दिया गया है. इसी बीच समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे को राजनीतिक और जनआंदोलन दोनों स्तर पर उठाने का फैसला किया है. सपा ने अपने विधायकों की फौज को रामपुर भेजने का फैसला किया है.
अखिलेश यादव ने बनाई विशेष टीम
सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक टीम गठित की है, जिसे जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े पूरे घटनाक्रम की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है. यह प्रतिनिधिमंडल गुरूवार को रामपुर पहुंचकर मौके का निरीक्षण करेगा और आगे की रणनीति पर रिपोर्ट तैयार करेगा. टीम विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और यूनिवर्सिटी प्रबंधन से बातचीत करेगी. इसके साथ ही प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी विकल्पों पर भी चर्चा की जाएगी.
छात्रों के आंदोलन को मिलेगा समर्थन
समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह जौहर यूनिवर्सिटी को केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा मानती है. पार्टी का कहना है कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए और उनके भविष्य की रक्षा की जानी चाहिए. अखिलेश यादव पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि जौहर यूनिवर्सिटी ‘शिक्षा का मंदिर’ है और अगर किसी प्रकार की तकनीकी कमी है तो उसे दूर किया जाना चाहिए.
अखिलेश का सुझाव: कंपाउंडिंग का रास्ता अपनाएं
हाल में ही अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पुराना शासनादेश साझा करते हुए योगी सरकार को सलाह दी कि ध्वस्तीकरण के बजाय कंपाउंडिंग (जुर्माना लेकर नक्शा नियमित करने) का रास्ता अपनाया जाए. उन्होंने लिखा कि इसी नीति से हजारों भवनों को पहले वैध किया जा चुका है. अखिलेश का आरोप है कि सरकार बदले की भावना से काम कर रही है. उन्होंने अपील की कि भाजपा शिक्षा के मंदिर को बचाए, विद्वेष छोड़े और सौहार्द का संदेश दे.
प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेता:
माता प्रसाद पांडेय (नेता प्रतिपक्ष) – प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख
अजय सागर (सपा जिलाध्यक्ष, रामपुर)
नसीर अहमद खां (विधायक)
कमाल अख्तर (पूर्व मंत्री)
शाहिद मंजूर (पूर्व मंत्री)
अताउर्रहमान (विधायक)
नवाब जान
मोहम्मद हाजी नासिर कुरैशी
मोहम्मद फहीम इरफान
शहजिल इस्लाम अंसारी (पूर्व विधायक)
अतुल प्रधान (विधायक)
रफीक अंसारी
पंकज कुमार मलिक (विधायक)
पिंकी सिंह
इकबाल महमूद (वरिष्ठ सपा नेता)
राम खिलाड़ी सिंह यादव
जयवीर सिंह (जिलाध्यक्ष, मुरादाबाद)
शुभलेश यादव (जिलाध्यक्ष, बरेली)
हाजी रिजवान (पूर्व विधायक)
यूसुफ अंसारी
जगराम सिंह
विजय सिंह
भगवत शरण गंगवार
सुल्तान बेग (पूर्व मंत्री)
इस्लाम साबिर
विजय पाल सिंह
आर.के. शर्मा
महिपाल सिंह यादव
क्यों विवादों में है जौहर यूनिवर्सिटी?
रामपुर विकास प्राधिकरण की जांच में दावा किया गया कि विश्वविद्यालय परिसर की कुल 40 इमारतों में से केवल दो भवनों का नक्शा स्वीकृत मिला, जबकि 38 भवन बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए गए. इसी आधार पर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया. प्रशासन का कहना है कि यूनिवर्सिटी जिस समय बनी, उस दौरान संबंधित क्षेत्र जिला पंचायत के अधिकार क्षेत्र में था और निर्माण के लिए अनुमति लेना आवश्यक था.
दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि निर्माण उस समय हुआ जब रामपुर विकास प्राधिकरण अस्तित्व में नहीं था और उनके पास आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं. जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई अब उत्तर प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनती जा रही है. समाजवादी पार्टी इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है.
