‘चुनाव आयोग भाजपा का सहयोगी’, SIR पर फिर बरसे अखिलेश यादव, बोले- केवल फॉर्म-6 लागू हो

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव SIR को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर हमलावार हैं. इस बीच उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा का सहयोगी होने का गंभीर आरोप लगाया है, खासकर फॉर्म-7 के जरिए मतदाता सूची में धांधली को लेकर. उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया.

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि एसआईआर आज देश का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है. लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि चुनाव आयोग भाजपा का सहयोगी दल बन गया है. उन्होंने कहा कि भाजपा की काली करतूतों के खिलाफ मजबूरी में काला कोट पहनकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा है.

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उपचुनावों में जिस तरह की गतिविधियां देखने को मिलीं, उससे साफ है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, यहां तक कि आयोग पर भाजपा का झंडा लगा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 के ज़रिए फर्जी दस्तक, अंगूठा लगवाना और हस्ताक्षर कराना गंभीर अपराध है, जो चुनाव नियमों की धारा 31 और 32 का खुला उल्लंघन है.

‘नंदलाल जैसे लोग आज सच्चाई के साथ सामने आए’

सपा प्रमुख ने रविवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी के संगठन, पीडीए पहरी और जिम्मेदार नेताओं द्वारा समय-समय पर जो फॉर्म उपलब्ध कराए गए, उनसे कई फर्जी मामलों की पहचान हुई. नंदलाल जैसे लोग आज सच्चाई के साथ सामने आए हैं.

उन्होंने सहयोग स्वरूप नंदलाल को ₹1,00,000 की सहायता दी है और उनके घर में दुर्गा माता के मंदिर निर्माण में भी पूरा सहयोग करेगी. उन्होंने कहा कि कई बीएलओ के बयान सामने आ रहे हैं कि उन्हें दबाया और धमकाया जा रहा है, बावजूद इसके बड़ी संख्या में बीएलओ लोकतंत्र को बचाने के लिए मजबूती से खड़े हैं.

फॉर्म-7 की कार्रवाई तुरंत निरस्त की जाए- अखिलेश

सपा नेता ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष रहकर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करे, न कि सिस्टम को कमजोर करने का माध्यम बने अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा की हर काली करतूत सामने आ रही है, अब देश की जनता जवाब चाहती है कि सरकार और चुनाव आयोग ईमानदार क्यों नहीं हैं.

उन्होंने मांग की कि फॉर्म-7 की कार्रवाई तुरंत निरस्त की जाए और केवल फॉर्म-6 की प्रक्रिया लागू हो. समाजवादी पार्टी के विधायक पूरी तैयारी के साथ सरकार को घेरेंगे और भ्रष्टाचार, महंगाई, किसानों, नौजवानों, महिलाओं की सुरक्षा और बढ़ते अपराध के मुद्दों को सदन में उठाएंगे. 16 फरवरी को सपा कार्यालय में SIR को लेकर एक बैठक की जायेगी.

अमेरिका और यूरोप के साथ समझौते पर किया कटाक्ष

अखिलेश यादव ने इस दौरान बजट को लेकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार डिजिटल इंडिया और विकसित भारत की बातें तो करती है, लेकिन बजट पूरे देश के लिए नहीं बल्कि सिर्फ 5 प्रतिशत मल्टीनेशनल कंपनियों और बड़े पूंजीपतियों के लिए बनाया जा रहा है. अमेरिका और यूरोप के साथ समझौते पर भी कटाक्ष किया है.

उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप के साथ जो समझौते हो रहे है, ये डील नहीं बल्कि देश का बाजार बड़े हाथों में सौंपने की साजिश हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि आज हालात यह हैं कि गरीब परिवार शादी तक नहीं कर पा रहे, सोना और रोजमर्रा का हर सामान महंगा हो गया है. सरकार को न गरीब की चिंता है, न किसान की, न मरीज की.