UP: डिजिटल इंटरप्रेन्योर योजना का ऐलान, महिलाओं को मिलेगा 10 लाख का ब्याज मुक्त लोन
उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए बड़ी सौगात दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'डिजिटल इंटरप्रेन्योर योजना' का ऐलान किया. इस योजना के तहत महिलाओं को डिजिटल बिजनेस शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन बिना गारंटी और बिना ब्याज पर मिलेगा. योजना का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को आत्म निर्भर बनाना है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज तीसरी बड़ी घोषणा की. उन्होंने डिजिटल इंटरप्रेन्योर योजना का जिक्र करते हुए कहा, ‘हम लोग 8000 न्याय पंचायतों में डिजिटल उद्यमी का चयन करेंगे… इन उद्यमियों में 50 फीसदी महिलाएं होंगी, जो उसी न्याय पंचायत की बेटी-बहू होंगी… इन्हें 10 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा… इसकी व्यवस्था बजट में है… गांव के अंदर वे सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाएंगे, जिससे गांव अब तक वंचित था.’
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘ऑप्टिकल फाइबर की फैसिलिटी की बात हो या फिर उसके माध्यम से गांव के बहुत सारे ऐसे प्रोडक्ट, जिन्हें अन्य जगह पहुंचाने या ऑनलाइन ट्रेडिंग की जरूरत है, हम उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे.’ इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया है. साथ ही अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये करने का ऐलान कर दिया है.
महिला उद्यमी उत्पाद विपणन केंद्र की घोषणा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूनियन बजट में घोषित ‘शी मार्ट’ योजना की तर्ज पर मातृशक्ति को समर्पित नई स्कीम ‘महिला उद्यमी उत्पाद विपणन केंद्र’ की घोषणा की. सीएम योगी ने कहा कि यूपी में लगभग एक करोड़ महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हैं… इनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को अभी तक केंद्र मिल पाना कठिन होता था… हम इसे न्याय पंचायत के साथ जोड़ने जा रहे… इसमें 100 फीसदी महिलाएं होंगी और इसके लिए 100 करोड़ की व्यवस्था की गई है.
सीएम योगी ने ऐलान किया कि न्याय पंचायत स्तर पर उनके लिए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तैयार करेंगे.. महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा जो भी उत्पाद बनाया जाएगा, उसकी बिक्री की व्यवस्था होगी. यह सब डिजिटल इंटरप्रेन्योर योजना के साथ जुड़ेगा. सरकार एक करोड़ महिलाओं को जोड़ने व आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य करेगी.
60 लाख सुरक्षित प्रसव के लिए 1000 करोड़ की व्यवस्था
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) व शिशु मृत्यु दर (एसएमआर) का रेशियो काफी खराब रहा है. 2017 में हम लोग आए थे तो स्थिति काफी खराब थी. प्रतिवर्ष 60 लाख सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित हो, इसके लिए भी 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. इसे संस्थागत स्वरूप देंगे. सीएम ने कहा कि इनपैनल्ड हॉस्पिटल में भी व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, इंसेंटिव देंगे. उन्होंने कहा कि मातृत्व व बचपन सुरक्षित रहेगा.
किसानों के लिए भी सरकार ने खोला पिटारा
सीएम योगी ने कहा कि कृषि एक्सपोर्ट सपोर्ट मिशन के लिए बजट में घोषणा की गई है… यूपी के किसानों का उत्पाद ग्लोबल मार्केट में पहुंच जाए, उसके लिए पहले चरण में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया है… पिछली बार हम लोगों ने कहा था कि यूपी में 40 लाख ट्यूबवेल हैं… सपा के समय सब भगवान भरोसे था… न बिजली आती थी और न ट्यूबवेल चलता था… किसी तरह किसान खेती कर पाता था… हम 16 लाख ट्यूबवेल वाले किसानों को फ्री में बिजली दे रहे.
