अखिलेश ने बांटी NDA की सीटें तो BJP बोली- कांग्रेस को 300 सीट देने वाली है सपा

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा और भाजपा के बीच संभावित सीट बंटवारे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. अखिलेश यादव ने बीजेपी के सहयोगी दलों के लिए संभावित सीटों का दावा किया था, जिस पर भाजपा प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने पलटवार किया. शुक्ला ने दावा किया कि सपा कांग्रेस को करीब 300 सीटें देने की तैयारी कर रही है और इसी के जरिए अखिलेश यादव संभावित हार की जिम्मेदारी से बचना चाहते हैं.

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव Image Credit:

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है. समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. अब मामला सिर्फ नीतियों और सरकार के कामकाज तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर भी दोनों दल आमने-सामने आ गए हैं. अखिलेश यादव की ओर से बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के संभावित सीट बंटवारे को लेकर किए गए दावे के बाद बीजेपी ने भी सपा पर पलटवार किया है.

BJP प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी 2027 के चुनाव में कांग्रेस को करीब 300 सीटें देने की तैयारी कर रही है. दरअसल, यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज है. अखिलेश यादव लगातार बीजेपी और उसके सहयोगी दलों- आरएलडी, अपना दल, सुभासपा और निषाद पार्टी को निशाने पर ले रहे हैं. इसी बीच बीजेपी ने अखिलेश यादव के दावों का जवाब देते हुए उनके खिलाफ सीट बंटवारे को लेकर बड़ा दावा किया है.

मनीष शुक्ला का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला

बीजेपी प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए दावा किया कि समाजवादी पार्टी 2027 के चुनाव में हार की जिम्मेदारी से बचने की रणनीति बना रही है. शुक्ला ने आरोप लगाया कि सपा कांग्रेस के साथ ऐसा सीट बंटवारा करने की तैयारी में है, जिसमें कांग्रेस को करीब 300 सीटें दी जा सकती हैं. मनीष शुक्ला ने इसे अखिलेश यादव की चुनावी रणनीति बताते हुए आरोप लगाया कि वह संभावित हार का ठीकरा अपने ऊपर लेने से बचना चाहते हैं. उनके मुताबिक, इसी वजह से कांग्रेस को बड़ी संख्या में सीटें देने की तैयारी की जा रही है.

अखिलेश यादव ने NDA के सीट फॉर्मूले का किया था दावा

दरअसल, बीजेपी का यह पलटवार अखिलेश यादव के उस बयान के बाद आया है, जिसमें सपा प्रमुख ने बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के बीच संभावित सीट बंटवारे का दावा किया था. अखिलेश यादव ने सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी अपने सहयोगी दलों को सीटें देने की तैयारी कर रही है. उनके मुताबिक, आरएलडी को 73, सुभासपा को 39, निषाद पार्टी को 31 और अपना दल को 19 सीटें देने की योजना बनाई जा रही है.

अखिलेश ने इस संभावित फॉर्मूले पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यह PDA की जनसंख्या के अनुपात के मुकाबले काफी कम है. उन्होंने दावा किया कि ऐसी रणनीति चुनाव में सफल नहीं होगी. हालांकि, इन सीटों के आंकड़ों को लेकर बीजेपी या उसके सहयोगी दलों की ओर से कोई आधिकारिक सीट बंटवारा फॉर्मूला घोषित नहीं किया गया है. इसलिए फिलहाल इन्हें राजनीतिक दावों के तौर पर ही देखा जा रहा है.

अपना दल ने भी अखिलेश पर साधा निशाना

अखिलेश यादव के दावों के बाद NDA के सहयोगी दल अपना दल की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई. अपना दल नेता और मंत्री आशीष पटेल ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी केवल ट्वीट और रीट्वीट की राजनीति नहीं करती, बल्कि जमीन पर जनता के बीच काम करने और गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े रहने में विश्वास रखती है. आशीष पटेल ने दावा किया कि NDA उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रहा है.

अखिलेश ने सरकार की नीतियों पर भी बोला हमला

सीट बंटवारे के दावे के साथ अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार की नीतियों पर भी हमला बोला था. उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और परीक्षा से जुड़े कथित घोटालों, फर्जी मुकदमों और बुलडोजर कार्रवाई जैसे मुद्दे उठाए. अखिलेश यादव ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया. इसके अलावा उन्होंने अग्निवीर योजना, स्वास्थ्य सेवाओं और संविधान से जुड़े मुद्दों को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा.

2027 से पहले गठबंधन की राजनीति होगी अहम

उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं और 2027 का चुनाव सत्ता के साथ-साथ विपक्षी गठबंधनों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ऐसे में चुनाव से काफी पहले ही संभावित सीट बंटवारे को लेकर बयानबाजी शुरू होना बताता है कि राजनीतिक दल अपनी-अपनी चुनावी जमीन तैयार करने में जुट गए हैं. आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि सपा कांग्रेस के साथ किस तरह का तालमेल करती है और बीजेपी अपने सहयोगी दलों के साथ सीटों का क्या फॉर्मूला तय करती है. फिलहाल दोनों खेमे अपने-अपने गठबंधन को मजबूत बताकर चुनावी बढ़त का दावा कर रहे हैं.

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