UP के आसमान में छाए बादल, 23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; सितंबर में क्यों मेहरबान है मौसम?
उत्तर प्रदेश में सितंबर माह में अप्रत्याशित भारी बारिश का दौर जारी है, जिससे 23 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. जन्माष्टमी पर पश्चिमी यूपी में मूसलाधार बारिश हुई और पूरे प्रदेश में यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा. बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र और मानसून की ट्रफ रेखा इसका मुख्य कारण हैं, जिससे कई जिलों में बाढ़ के हालात बन गए हैं.
आम तौर पर जन्माष्टमी पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश होती ही है, लेकिन इस बार शुक्रवार को जन्माष्टमी के दिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मूसलाधार बारिश हुई. पूर्वांचल के भी कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. फिर जन्माष्टमी के एक दिन बाद नंदोत्सव को भी मथुरा एवं आसपास के जिलों में मूसलाधार बारिश हुई है. भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक पूरे प्रदेश में बारिश का दौर आगे भी जारी रहने वाला है. मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र ने रविवार को भी प्रदेश के 23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
हालांकि मौसम विज्ञानिकों ने इसकी वजह बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ने और मानसून की ट्रफ रेखा बहुत नीचे चले जाने को बताया है. उनके मुताबिक बीते 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हुई है. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मथुरा आगरा समेत कई जिलों में भारी बारिश हुई है. शु्क्रवार और शनिवार को मौसम में हुए इस बदलाव की वजह से तापमान में काफी गिरावट आई. प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बस्ती में 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
जानें अपने जिले में मौसम का हाल
मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र से जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक रविवार छह सितंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश की पूरी संभावना है. 23 से अधिक जिलों में भारी बारिश हो सकती है. वहीं 35 से अधिक जिलों में मध्यम और 10 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इस बुलेटिन में मौसम विभाग ने बिजनौर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, हरदोई, फर्रुखाबाद, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, संभल, शाहजहांपुर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
बाढ़ बारिश से बुरे हाल
उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना के अलावा घाघरा के तटीय इलाकों में बाढ़ और बारिश की वजह से बुरे हाल है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इन तीनों ही नदियों का जलस्तर धीरे धीरे कम तो हो रहा है, लेकिन अभी भी बाढ़ खत्म होने में कुछ समय लग सकता है. प्रभावित इलाकों में रहने वाली बड़ी संख्या में आबादी इन दिनों राहत शिविरों में रह रही है. उन्हें बाढ़ का पानी उतरने का बेसब्री से इंतजार है.
