2 भर्तियां, हजारों अभ्यर्थी और 3 साल से रिजल्ट का इंतजार… इनको कब नौकरी देगी योगी सरकार?
लखनऊ स्थित UPSSSC मुख्यालय के बाहर एक बार फिर अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती 2022 और जूनियर असिस्टेंट भर्ती 2023 के हजारों उम्मीदवार लंबित परिणाम और नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए. अभ्यर्थियों का आरोप है कि तीन साल से भर्ती प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन आयोग केवल आश्वासन दे रहा है.
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के दफ्तर के बाहर एक बार फिर अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा. अलग-अलग भर्तियों के हजारों अभ्यर्थी अपनी लंबित मांगों को लेकर आयोग मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं. हाथों में बैनर और पोस्टर लिए युवा नारेबाजी कर रहे हैं और आयोग पर भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी करने का आरोप लगा रहे हैं. इस बार विरोध प्रदर्शन दो बड़ी भर्तियों को लेकर हो रहा है.
एक तरफ ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती 2022 के अभ्यर्थी हैं तो दूसरी ओर जूनियर असिस्टेंट भर्ती (विज्ञापन संख्या-08/2023) के उम्मीदवार. दोनों वर्गों के अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग हर बार सिर्फ आश्वासन देता है, लेकिन नियुक्ति और परिणाम को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती. ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती के अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2022 में भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ था, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी उन्हें नियुक्ति नहीं मिल सकी है.
‘आखिर कब तक प्रोटेस्ट करते रहेंगे?’
उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के हर चरण के लिए उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि पहले आवेदन प्रक्रिया शुरू कराने के लिए धरना देना पड़ा, फिर परीक्षा तिथि घोषित कराने के लिए संघर्ष करना पड़ा. एडमिट कार्ड जारी कराने के लिए प्रदर्शन किया गया और अब अंतिम परिणाम व जॉइनिंग के लिए भी सड़कों पर उतरना पड़ रहा है. एक अभ्यर्थी ने कहा, ‘आखिर कब तक प्रोटेस्ट करते रहेंगे?’
अभ्यर्थियों का कहना है कि हर बार आयोग के अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन हमारी भर्ती आगे नहीं बढ़ती… हमारे बाद आई कई भर्तियां पूरी हो गईं, लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. अभ्यर्थियों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से वे लगातार लखनऊ आते हैं और आयोग के बाहर प्रदर्शन करते हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है… इस दौरान उन्हें कई तरह की कठिनाई का सामना करना पड़ता है.
तीन साल से परिणाम का इंतजार
प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिल रही. इससे हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं. एक अभ्यर्थी ने कहा, ‘तीन साल से ज्यादा का समय हो गया है… हम तैयारी छोड़कर आयोग के चक्कर काट रहे हैं… मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है और भविष्य अंधकार में दिखाई दे रहा है.’ उनका कहना है कि जब भी आयोग के अधिकारियों से बातचीत होती है तो उन्हें जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया जाता है.
जूनियर असिस्टेंट भर्ती के अभ्यर्थियों ने भी खोला मोर्चा
दूसरी ओर, UPSSSC कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में जूनियर असिस्टेंट भर्ती के अभ्यर्थी भी प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि उन्हें अब आश्वासन नहीं बल्कि अंतिम परिणाम चाहिए. अभ्यर्थियों ने मांग की है कि आयोग जुलाई महीने में हर हाल में उनका अंतिम परिणाम घोषित करे. उन्होंने कहा कि जूनियर असिस्टेंट भर्ती के सभी चरण पूरे हो चुके हैं, लेकिन अंतिम परिणाम अब तक जारी नहीं किया गया है.
PET-2022 आधारित भर्ती पर सवाल
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि जूनियर असिस्टेंट भर्ती PET-2022 के आधार पर निकाली गई थी. उनका कहना है कि भर्ती को शुरू हुए तीन साल हो चुके हैं, लिखित परीक्षा संपन्न हो चुकी है, टाइपिंग टेस्ट पूरा हो चुका है, दस्तावेज सत्यापन (DV) भी समाप्त हो चुका है, अब सिर्फ अंतिम परिणाम घोषित होना बाकी है, इसके बावजूद आयोग की ओर से लगातार देरी की जा रही है
बाद की भर्तियां आगे बढ़ीं, हमारी फंसी
अभ्यर्थियों का आरोप है कि उनकी भर्ती के बाद निकाली गई कई अन्य भर्तियों की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ी है. उन्होंने कहा कि AGTA समेत कई भर्तियों का निस्तारण हो चुका है, जबकि जूनियर असिस्टेंट भर्ती के उम्मीदवार आज भी अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं.
मानसिक और आर्थिक दबाव झेल रहे युवा
लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया पूरी न होने से अभ्यर्थियों में निराशा बढ़ती जा रही है. उनका कहना है कि तीन साल की देरी के कारण हजारों युवा मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं. कई अभ्यर्थियों की उम्र बढ़ती जा रही है और परिवारों पर आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है. एक अभ्यर्थी ने कहा, ‘हमने अपनी जिंदगी के सबसे महत्वपूर्ण साल इस भर्ती के भरोसे गुजार दिए… अब न नौकरी है और न ही भविष्य को लेकर कोई स्पष्टता.’
20 जुलाई तक परिणाम जारी करने की मांग
जूनियर असिस्टेंट भर्ती के अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि 20 जुलाई तक अंतिम परिणाम जारी नहीं किया गया, तो उनका धरना-प्रदर्शन और तेज किया जाएगा. अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन और परिणाम की निश्चित तिथि नहीं मिलेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. प्रदर्शनकारी युवाओं के मुताबिक, ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती के तहत 1468 पदों पर नियुक्ति होनी है और जूनियर असिस्टेंट भर्ती के तहत 5512/5369 पदों पर चयन प्रक्रिया लंबित है. इन दोनों भर्तियों से जुड़े हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से परिणाम और नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं.
