यूपी में अब तो चालान भरना ही पड़ेगा… योगी सरकार ने एबेट हो जाने वाले कानून को ही खत्म कर दिया

उप्र दंड विधि अध्यादेश-2026 को योगी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. इस कानून के लागू होते ही प्रदेश भर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की खैर नहीं रहेगी. मोटर व्हीकल नियमों को अनदेखी करने वालों को अब चालान भरना ही होगा. यह चालान अब लोक अदालत के माध्यम से अपने आप समाप्त नहीं होंगे.

ट्रैफिक चालान ( फाइल फोटो)

यातायात नियमों का पालन ना करने वाले वाहन चालकों पर योगी सरकार ने सख्त रूख अख्तियार किया है. मंगलवार यानी 07 अप्रैल को कैबिनेट बैठक में योगी सरकार ने ‘उप्र दंड विधि (अपराधों का शमन और निवारणों का उपशमन) (संशोधन) अध्यादेश-2026’ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

उप्र दंड विधि अध्यादेश-2026 नाम के इस कानून के लागू होते ही प्रदेश भर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की खैर नहीं रहेगी. इसके लिए उनपर की गई कानूनी कार्रवाई अब समय बीतने के साथ खत्म नहीं हो पाएगी. दरअसल अब तक वाहनों के उल्लंघन पर होने वाली कार्रवाई पर 1979 की एक पुरानी व्यवस्था लागू थी.

अब तक पुरानी व्यवस्था के तहत होता था चालान का निपटारा

पुरानी व्यवस्था के तहत मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के उल्लंघन के मामलों में यदि कोई व्यक्ति जुर्माना नहीं भरता था तो निश्चित समयावधि बीतने के बाद लोक अदालत के माध्यम से वे मामले अपने आप खत्म हो जाते थे. ऐसे में बड़ी संख्या में लोग अपना चालान नहीं भरते थे. अब सरकार की तरफ से नई व्यवस्था लागू की जा रही है. इस रियायत को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पालन कराने के लिए उठाया गया ये कदम

सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए वाहन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर की गई कार्रवाई अपने आप खत्म ना हो पाए, इसके लिए एक व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया था. ऐसे में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पालन कराने के लिए ये कदम उठाया.

अध्यादेश-2026 को मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया है.

फिलहाल, उप्र दंड विधि अध्यादेश-2026 को मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया है. राज्यपाल से अनुमति मिलते ही ये अध्यादेश पूरे प्रदेश में औपचारिक रूप से लागू हो जाएगा. इस अध्यादेश की मुताबिक अपराध की पुनरावृत्ति, अनिवार्य कारावास वाले मामले, गैर-शमनीय अपराध अपने आप खत्म नहीं होंगे.

ट्रैफिक उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों में मन में पैदा होगा डर

सरकार के मुताबिक उप्र दंड विधि अध्यादेश-2026 लागू होने के बाद ट्रैफिक उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के मन में डर पैदा होगा. अब ट्रैफिकों कानूनों को हल्के में नहीं लेंगे. साथ ही चालान पेंडिंग होने पर वाहन की फिटनेस, एनओसी और अन्य विभागीय कार्यों में भी बाधा आएगी.इस कानून का प्राथमिक उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है.

Follow Us