14 हजार केस, 36 हजार गिरफ्तारी… शंकराचार्य विवाद के बीच गोकशी पर योगी सरकार ने जारी किया आंकड़ा

योगी सरकार ने शंकराचार्य विवाद के बीच गोकशी और गोतस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के आंकड़े जारी किए हैं. मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाए विशेष अभियान में अब तक 35,924 से अधिक आरोपी सलाखों के पीछे हैं. प्रदेश में गोकशी के 14,182 मामले दर्ज हुए, गुंडा एक्ट में 13,793 और NSA में 178 आरोपियों पर कार्रवाई हुई. गैंगस्टर एक्ट के तहत 14,305 मामलों में सख्ती बरती गई और 83 करोड़ 32 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई.

सीएम योगी और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद Image Credit: फाइल फोटो

योगी सरकार ने शंकराचार्य विवाद के बीच गोकशी और गोतस्करी के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के आंकड़े जारी किए हैं. इसमें साफ दिखता है कि प्रदेश में गौ-संरक्षण को लेकर सख्त कार्रवाई जारी है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत गोकशी के संगठित नेटवर्क पर शिकंजा कसा गया, और अब तक 35,924 से अधिक आरोपी सलाखों के पीछे धकेले जा चुके हैं. इसके साथ ही 83 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है.

उत्तर प्रदेश में गोकशी के 14,182 मामले दर्ज किए गए और 35,924 आरोपियों की गिरफ्तार की जा चुकी है. गुंडा एक्ट के तहत 13,793 आरोपियों पर कार्रवाई की गई है और एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत 178 आरोपियों पर शिकंजा कसा गया है. गैंगस्टर एक्ट के तहत 14,305 मामलों में कठोर कार्रवाई की गई है. गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत 83 करोड़ 32 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई, जिसमें जमीन, वाहन, अन्य अवैध संपत्ति शामिल है.

योगी सरकार ने बनाया था कानून

योगी सरकार ने 2020 में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश-2020 लागू किया, जिसे बाद में कानून का रूप दिया गया। इसके प्रमुख प्रावधान है- गोहत्या पर 10 साल तक की कठोर कारावास, 3 से 5 लाख रुपये तक जुर्माना, गोवंश के अंगभंग पर 7 साल की जेल और 3 लाख जुर्माना, तस्करी के लिए ले जाए जा रहे गोवंश जब्त होने पर उसके भरण-पोषण का खर्च भी आरोपी से वसूला जाता है और दोबारा अपराध पर सजा दोगुनी हो सकती है.

कैसे गोकशी रोकी गई?

योगी सरकार ने गोकशी रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की, जिसमें पुलिस, प्रशासन और खुफिया निगरानी से संगठित गिरोहों पर नजर रखी गई. सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई. रात में गश्त और पशु परिवहन की जांच की गई. अवैध बूचड़खानों पर लगातार छापेमारी जारी है. साथ ही अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त कर गिरोहों की ताकत कमजोर की गई.

शंकराचार्य विवाद के बीच जारी हुआ आंकड़ा

योगी सरकार का दावा है कि यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था का विषय है, बल्कि सामाजिक आस्था, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गौ-संरक्षण से जुड़ी है. इन प्रयासों से गोकशी और गोतस्करी में कमी आई है, और संगठित नेटवर्क ध्वस्त हुए हैं. यह आंकड़े ऐसे समय जारी किए गए हैं जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ बटुकों के अपमान का विवाद गरमाया हुआ है और शंकराचार्य ने गाय को राष्ट्रीय गोमाता घोषित करने के लिए अभियान छेड़ रखा है.

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