‘एफिडेविट दो नहीं तो…’ क्या विधानसभा चुनाव की तैयारी में हैं अविमुक्तेश्वरानंद? राजनीतिक दलों के सामने रखी शर्त

ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक दलों के सामने गोरक्षा पर एफिडेविट की शर्त रखी है. उन्होंने कहा, यदि दल गोरक्षा का वादा नहीं करते, तो वे अपने उम्मीदवार उतारेंगे. शंकराचार्य ने हिंदुओं से अपील की है कि वे हिंदू हितों को ध्यान में रखकर ही वोट करें. शंकराचार्य 3 मई से उत्तर प्रदेश में गोरक्षा यात्रा निकालने जा रहे हैं.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (फाइल फोटो)

ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद लगातार सुर्खियों में हैं. अब उन्होंने उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने उत्तर प्रदेश में सक्रिय सभी राजनीतिक दलों से कहा है कि वह एफीडेविट देकर कहें कि सत्ता में आने के बाद गोरक्षा करेंगे. यदि वह ऐसा करते हैं तो उनका समर्थन करेंगे. यदि ऐसा नहीं करते हैं तो वह आगामी विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारेंगे.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के इस बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. उन्होंने कहा कि बिना राजनीतिक हस्तक्षेप के गोरक्षा संभव नहीं है. ऐसे में वह गोरक्षा के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं. इसके लिए चुनाव में जाना पड़े तो वह इससे भी परहेज नहीं करेगे. चूंकि अगले ही साल यानी 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में शंकराचार्य के इस ऐलान से सभी राजनीतिक दलों के कान खड़े हो गए हैं.

गोरक्षा आंदोलन चल रहे हैं शंकराचार्य

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद इस समय उत्तर प्रदेश समेत समूचे देश में गो रक्षा आंदोलन चला रहे हैं. इसको लेकर पिछले दिनों उनकी सीएम योगी से भी ठन गई थी. यहां तक कि शंकराचार्य ने सीएम योगी के हिन्दुत्व को चैलेंज कर दिया था. वहीं अब उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के सामने नई चुनौती रख दी है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल एफिडेविट में घोषणा करे कि वह सत्ता में आने के बाद गौ माता की रक्षा करेगा तो वह चुनाव में उसके साथ होंगे.

हिन्दू हितों को देखकर ही वोट करें हिन्दू

यदि कोई पार्टी इस तरह का एफिडेविट नहीं देती तो तो वह खुद अपने उम्मीदवार चुनाव में सभी सीटों पर उतारेंगे. उन्होंने यह ऐलान खासतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार में होने वाले आगामी चुनावों को लेकर किया है. उन्होंने कहा कि गौ रक्षा के नाम पर पार्टियां अपना वोट बैंक बनाती है और फिर सत्ता में आने के बाद गौ रक्षा पर कोई कार्य नहीं करती. उन्होंने हिंदुओं से अपील करते हुए कहा कि अब चुनावों में हिंदू हितों को ध्यान में रखकर ही वोट करने की जरूरत है.

गौ माता को पशु सूची से हटाया जाए

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गौ रक्षा के लिए वह 3 मई से गोरखपुर से एक यात्रा शुरू करने जा रहे है. यह पदयात्रा उत्तर प्रदेश की हर एक विधानसभा क्षेत्रों से होते हुए 23 जुलाई को लखनऊ में सम्पन्न होगी. उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सबसे पहले गौ माता को पशु की सूची से हटाया जाए. इसके बाद गौ माता के संरक्षण की पूरी रणनीति तैयार हो.

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