29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन, जानिए आप कब से कर सकेंगे यात्रा और कितना देना होगा टोल
प्रधानमंत्री मोदी 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे, जिसके कुछ घंटों बाद ही यह आम जनता के लिए खुल जाएगा. यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा को 12-14 घंटे से घटाकर 8 घंटे कर देगा. यूपीडा ने कार के लिए ₹1515 का टोल निर्धारित किया है. यह परियोजना पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी बढ़ाएगी और व्यापार को गति देगी.
उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का काउंट डाउन शुरू हो गया है. इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को हरदोई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. अधिकारियों के मुताबिक उद्घाटन के कुछ घंटे बाद ही इस एक्सप्रेसवे को सामान्य वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा. इसके बाद प्रयागराज से चलकर महज छह से 7 घंटे में लोग मेरठ तक का सफर कर सकेंगे. हालांकि इस यात्रा में सभी वाहनों से प्रतिकिमी के हिसाब से टोल वसूल किया जाएगा. इसके लिए यूपीडा ने सभी गाड़ियों के लिए श्रेणीवार टोल रेट जारी कर दिया है.
करीब 36,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे से एक तरफ पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दूरी कम हो जाएगी, वहीं उत्तर प्रदेश के इन दोनों हिस्सों में आवागमन आसान होने के साथ ही यात्रा के समय में भी कमी आएगी. अभी प्रयागराज से मेरठ आने में 12 से 14 घंटे का समय लगता है, लेकिन इस एक्सप्रेसवे से यात्रा करने पर महज 8 घंटे में यह सफर पूरा हो सकेगा. इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली एनसीआर को होने वाला है. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही हरदोई और शाहजहांपुर में पैदा होने वाली हरी सब्जियां सूखने से पहले दिल्ली एनसीआर की मंडियों में पहुंच सकेंगी.
दो घंटे में खुल जाएगा एक्सप्रेसवे
यूपीडा के अधिकारियों के मुताबिक प्रधानमंत्री द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद छिटपुट औपचारिकताओं में दो-एक घंटे का समय लगेगा. इसके बाद इस एक्सप्रेसवे के प्रयागराज, मेरठ, हरदोई, शाहजहांपुर समेत सभी एंट्री एवं एग्जिट पॉइंट को एक साथ खोल दिया जाएगा. ये एंट्री एवं एग्जिट पॉइंट खुलने के साथ ही सामान्य वाहन इस एक्सप्रेसवे पर फर्राटे भरने लगेंगे. माना जा रहा है कि एक्सप्रेसवे के खुलने के साथ ही टोल सिस्टम भी शुरू हो जाएगा.
1515 रुपये लगेगा टोल
यूपीडा ने इस एक्सप्रेसवे पर चलने वाले सभी श्रेणी के वाहनों के लिए टोल दरों का निर्धारण कर दिया है. यदि आप कार से मेरठ से चलकर प्रयागराज तक आते हैं तो आपको को 1515 रुपये का टोल चुकाना होगा. इसी प्रकार सात एक्सल वाले भारी वाहनों को एक ट्रिप के लिए 9535 रुपये टोल देना होगा. कॉमर्शियल भारी वाहनों से 2405 से 9535 रुपये तक टोल वसूला जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक इस एक्सप्रेसवे के लिए प्रति किमी के हिसाब से टोल दरों का निर्धारण किया गया है. कार, जीप, वैन या हल्के वाहनों को तो 2.55 रुपये प्रति किमी के हिसाब से टोल देना होगा.
14 स्थानों पर बने हैं टोल प्लाजा
यूपीडा के अधिकारियों के मुताबिक हल्के कॉमर्शियल वाहनों से 4.05 रुपये की दर से टोल वसूल होगा. इसी प्रकार बस, ट्रक व अन्य भारी वाहनों से 8.15 रुपये, भारी मशीनरी से 12.55 रुपये और सात एक्सल वाले भारी वाहनों से 16.05 रुपये की दर से टोल वसूल किया जाएगा. इस एक्सप्रेसवे पर कुल 14 स्थानों पर टोल प्लाजा बने हैं. हालांकि इनमें दो टोल प्लाजा स्टार्टिंग एवं एंड पॉइंट पर हैं. वहीं बाकी के 12 टोल प्लाज इस एक्सप्रेसवे पर उतरने चढ़ने के लिए बने रैंप पर बनाए गए हैं.
सफारी की आएगी फीलिंग
यह एक्सप्रेसवे टोल की दृष्टि से भले ही थोड़ा महंगा लगे, लेकिन इस पर यात्रा के दौरान पर्यटन सफारी की फीलिंग आएगी. दरअसल यह एक्सप्रेसवे 140 से अधिक स्थानों पर जलश्रोतों को क्रास करेगा. इनमें ज्यादातर जलश्रोत पतित पावनी मां गंगा ही हैं. इन जल श्रोतों के ऊपर से गुजरते समय नजारा देखने लायक होगा. यह एक्सप्रेसवे से प्रदेश के 12 शहरों को सीधी कनेक्टविटी देने वाला है. इन शहरों में मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, सम्भल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज आदि शामिल है.
