मेरठ सेंट्रल मार्केट विवाद: SC के सेटबैक छोड़ने के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन, पलायन का डर
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में 859 भूखंडों पर सेटबैक छोड़ने के आदेश हैं. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद लोग आक्रोशित हो गए हैं. महिलाओं ने परिषद और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं. भवन मालिकों और व्यापारियों ने धरना शुरू कर दिया है, जिसमें 'पलायन हेतु मकान बिकाऊ है' के पोस्टर भी लगे हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में आवासीय भूमि पर कमर्शियल गतिविधियां चलाने को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने सेंट्रल मार्केट में 859 भूखंडों पर सेटबैक छोड़ने के आदेश दिए हैं. इस फैसले के बाद लोग आक्रोशित हैं. महिलाओं ने परिषद और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. गुस्साए लोग सेंट्रल मार्केट में धरना शुरू कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन भवनों में रह रहे लोगों के मन में गुस्सा है. लोगों ने अब धरना शुरू कर दिया है. हाथ में पलायन के पोस्टर ले लिए हैं. धरने में बैठीं एक महिलाओं ने रोते हुए कहा कि अगर खून पसीने से बनाए गए आशियाने और कारोबार उजड़े तो वे जहर खाकर अपनी जान दे देंगी. उनका कहना है सेटबैक जैसा नियम कैसे मान लिया जाए.
मकान बनाते समय किसी ने नियम का ध्यान नहीं रखा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब मेरठ सेंट्रल मार्केट के न तो व्यापारियों को कोई उम्मीद बची है और न ही अब भवन मालिकों को. सबको सेटबैक छोड़ने के आदेश दे दिए गए. दरअसल, जब मकान बनाए जा रहे थे तब न तो भवन मालिकों ने नियम का ध्यान रखा और न ही आवास विकास के अधिकारियों ने उस समय कोई कार्यवाही की थी.
अब भवनों के मालिकों का कहना है कि 100 गज का मकान नहीं है और इसमें सेटबैक छोड़ने के लिए कहा जा रहा. लोगों ने बताया कि बहुत से ऐसे भवन है जो लेवल 60 गज के है, यहां सेटबैक जैसा नियम कैसे मान लिया जाए. इसी को लेकर व्यापारी और भवन मालिकों ने विरोध शुरू कर दिया है. साथी ही आवास विकास के अधिकारियों पर भड़के हुए हैं.
15 दिन के अंदर अवैध कब्जा किए सेटबैक हटाने होंगे
सुप्रीम कोर्ट ने 9 अप्रैल को शास्त्रीनगर और सेंट्रल मार्केट में सील किए 44 मकान समेत सभी 859 भूखंडों पर सेटबैक छोड़ने के आदेश दिए हैं. आदेश के मुताबिक, 15 दिन के अंदर भवन मालिक को अवैध कब्जा किए सेटबैक को हटाने होंगे. अगर वो खुद नहीं हटाएंगे तो परिषद इन्हें तोड़ेगी और इस पर होने वाले खर्च को भवन मालिकों से वसूला जाएगा.