कहीं आप भी तो नहीं पी रहे घटिया चाय? मेरठ में पकड़ा गया नकली ब्रांडेड प्रोडक्ट का बड़ा सिंडिकेट
मेरठ में पुलिस ने नकली ब्रांडेड उत्पादों के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है. दाल मंडी में दबिश देकर पुलिस ने नकली टाटा टी और ऑल आउट रिफिल बरामद की है. कंपनी की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने दो कारोबारियों को अरेस्ट भी किया है. ये नकली उत्पाद सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं, जिनमें जहरीले रसायन और घटिया सामग्री मिलाई जाती है. इसका नेटवर्क नोएडा-गाजियाबाद तक फैला होने की आशंका है.
अक्सर घर में कहा जाने लगा है कि अब चाय में भी स्वाद नहीं. कैसे हो, जब असली के नाम पर नकली चाय की खेप बाजार में भरी पड़ी है. बिलकुल असली जैसी पैकेजिंग, रेट भी असली की और क्यूआर कोड भी असली का, लेकिन अंदर भरा माल दोयम दर्जे का. जी हां कुछ ऐसा ही है. अभी मेरठ के ही सदर बाजार थाना क्षेत्र की दाल मंडी में पुलिस ने दबिश देकर ऐसे ही एक सिंडिकेट का खुलासा किया है. यह सिंडिकेट में शामिल लोग ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली उत्पाद को बाजार में खपा रहे थे.
सोमवार की देर शाम हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने दो कारोबारियों को अरेस्ट किया है. इनके पास से पुलिस ने भारी मात्रा में नकली ‘टाटा टी’ और ‘ऑल आउट’ रिफिल बरामद किए हैं. दरअसल, यह कार्रवाई कंपनी की ओर से मिले इनपुट के आधार पर हुई है. बताया जा रहा है कि कंपनी को ग्राहकों की ओर से चाय में स्वाद ना आने की शिकायत मिल रही थी. इस शिकायत पर कंपनी ने जांच कराई तो यह फर्जीवाड़ा सामने आया. इसके बाद कंपनी ने पुलिस में शिकायत दी और इस खेल को उजागर किया गया है.
फील्ड मैनेजर ने दी शिकायत
पुलिस के मुताबिक कंपनी के फील्ड मैनेजर ललित कुमार ने मेरठ पुलिस को शिकायत दी थी. अपनी शिकायत के समर्थन में साक्ष्य भी उपलब्ध कराए थे. इसके बाद पुलिस और कंपनी की विशेष जांच टीम ने संयुक्त रूप से सदर दाल मंडी की दो दुकानों जैन किराना स्टोर और जैन जनरल स्टोर पर दबिश दी. इस दौरान आशीष जैन की दुकान से टाटा टी के 100 ग्राम वाले 279 नकली पैकेट, टाटा टी के 200 ग्राम वाले 21 नकली पैकेट बरामद हुए. वहीं राकेश कुमार जैन की दुकान से टाटा टी के 1 किलोग्राम वाले 44 नकली पैकेट, टाटा टी के 100 ग्राम वाले 19 नकली पैकेट और मच्छर भगाने वाली ऑल आउट रिफिल के 632 नकली पैकेट/रिफिल बरामद हुए.
नोएडा-गाजियाबाद तक नेटवर्क
पुलिस और कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक नकली उत्पादों के सप्लाई चैन को खंगाला जा रहा है. आशंका है कि यह सप्लाई चेन केवल मेरठ में नहीं, बल्कि नोएडा-गाजियाबाद समेत आसपास के कई जिलों में फैला है. ऐसे में अब टीम यह पता करने की कोशिश कर रही है कि इस तरह के नकली प्रोडक्ट कहां बन रहे हैं और कहां-कहां सप्लाई हो रहे हैं. इसी के साथ यह भी पता किया जा रहा है कि इस गोरखधंधे में कौन कौन लोग शामिल हैं. मेरठ के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के मुताबिक मामले की जांच कराई जा रही है.
सेहत के लिए खतरनाक हैं ये प्रोडक्ट
डॉक्टरों के मुताबिक बाजार में मिल रहे ये नकली प्रोडक्ट सेहत के लिए बेहद खतरनाक है. नकली चाय पत्ती में अक्सर खतरनाक रासायनिक रंग, चमड़े के बुरादे और इस्तेमाल की जा चुकी पुरानी चाय पत्ती को सुखाकर मिलाया जाता है. इस तरह की चाय पीने वालों के लीवर समेत पेट के अन्य अंगों पर बुरा असर पड़ता है. इसी प्रकार नकली ऑल आउट रिफिल में प्रतिबंधित और जहरीले रसायनों का इस्तेमाल होने से सांस की बीमारियों का खतरा रहता है.