गाजियाबाद: इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को बाढ़ से बचाने की तैयारी, ये है प्लान
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए जीडीए ने हिंडन नदी किनारे करीब 185 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षा बांध बनाने की योजना तैयार की है. बांध के ऊपर 7.5 किलोमीटर लंबी छह लेन सड़क भी बनाई जाएगी, जिससे नंदग्राम, नूर नगर और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी.
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को भविष्य में बाढ़ के खतरे से सुरक्षित रखने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने बांध बनाने का फैसला किया है. इस योजना के तहत हिंडन नदी के किनारे करीब 185 करोड़ रुपये की लागत से एक मजबूत सुरक्षा बांध (फ्लड प्रोटेक्शन एंबैंकमेंट) बनाया जाएगा. इसके साथ ही बांध के ऊपर छह लेन की सड़क भी विकसित की जाएगी.
राजनगर एक्सटेंशन स्थित ग्राम मोरटी में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. बरसात के दौरान हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने पर इस क्षेत्र में जलभराव और बाढ़ का खतरा बना रहता है. इसी को देखते हुए जीडीए ने स्टेडियम के साथ-साथ प्रस्तावित हरनांदीपुरम आवासीय योजना और एयरोसिटी प्रोजेक्ट को भी सुरक्षित रखने के लिए यह व्यापक योजना तैयार की है. इसके लिए बांध बनाया जाएगा.
सिंचाई विभाग को जारी किए गए दो करोड़ रुपये
परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने सिंचाई विभाग को दो करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं. प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस परियोजना पर लगभग 185 करोड़ रुपये खर्च होंगे. हालांकि इसमें भूमि अधिग्रहण की लागत शामिल नहीं है. अधिकारियों का अनुमान है कि भूमि अधिग्रहण जुड़ने के बाद कुल लागत 200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है.
बांध के साथ बनेगी 7.5 किलोमीटर लंबी छह लेन सड़क
योजना के अनुसार, हिंडन नदी के किनारे लगभग 7.5 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी. यह सड़क सिटी फॉरेस्ट के डी प्वाइंट से शुरू होकर टीला मोड़, फरुखनगर रोड होते हुए पाइपलाइन रोड से जुड़ेगी. बांध के ऊपर बनने वाली यह छह लेन सड़क शहर के कई हिस्सों की कनेक्टिविटी बेहतर करेगी. खासतौर पर नंदग्राम और नूर नगर के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी.
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बनी योजना
जीडीए अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के दौरान हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से स्टेडियम और आसपास की परियोजनाओं पर खतरा मंडरा सकता है. इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए स्थायी समाधान तैयार किया गया है. बांध निर्माण के दौरान नदी किनारे मजबूत पिचिंग, मिट्टी संरक्षण और अन्य फ्लड प्रोटेक्शन कार्य किए जाएंगे, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में भी नुकसान न हो.
आईआईटी करेगी तकनीकी अध्ययन
परियोजना को पूरी तरह वैज्ञानिक आधार पर तैयार किया जाएगा. इसके लिए बांध की डिजाइन और हाइड्रोलिक मॉडल स्टडी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से कराई जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि बांध को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि वह भीषण बाढ़ और संभावित भूकंप जैसी परिस्थितियों का भी सामना कर सके. तकनीकी अध्ययन पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शासन को वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी.
2023 की बाढ़ बनी बड़ी वजह
जीडीए की इस योजना के पीछे साल 2023 की हिंडन नदी की भीषण बाढ़ सबसे बड़ा कारण मानी जा रही है. जुलाई 2023 में हिंडन नदी का जलस्तर पिछले 45 सालों का रिकॉर्ड तोड़ गया था. इससे पहले ऐसी स्थिति 1978 में देखने को मिली थी. बाढ़ के दौरान करहेड़ा, अटौर-नगला, नूर नगर, सिटी फॉरेस्ट सहित कई निचले इलाकों में चार से पांच फीट तक पानी भर गया था. स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि राहत और बचाव के लिए NDRF को तैनात करना पड़ा था.
