अर्चिता नहीं, तुर्कमेनिस्तान की मुहब्बत का निकला मेरठ में तेजाब से जला शव, पहचान छिपाकर दिल्ली में रह रही थी मृतका
पुलिस को मेरठ-बिजनौर हाइवे पर जिस महिला का तेजाब से जला शव मिला था वह दिल्ली की किसी अर्चिता अरोड़ा की नहीं बल्कि तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत का है. मुहबब्त को लेकर पुलिस को आशंका है कि हो सकता है कि वह किसी रैकेट का हिस्सा रही हो.
मेरठ के मवाना इलाके में 21 फरवरी की रात मेरठ-बिजनौर नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे एक लाश मिली थी. शव का चेहरा तेजाब डालकर बुरी तरह जलाया गया था. हालांकि, पुलिस ने बड़ी मुश्किल से शव की शिनाख्त दिल्ली की रहने वाली अर्चिता अरोड़ा के तौर पर की थी. अब इस मामले में नया मोड़ आया है. अब पुलिस को जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक अर्चिता की यह पहचान नकली है.
तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत का निकला शव
पुलिस को जो शव मिला है, वह असल में रूस के तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत का है. मुहबब्त को लेकर पुलिस को आशंका है कि हो सकता है कि वह किसी रैकेट का हिस्सा रही हो. पुलिस को जब मुहब्बत का शव मिला था वह तो बुरी तरह सड़ चुका था. उससे दुर्गंध उठ रही थी. चेहरे पर तेजाब डालकर उसे पूरी तरह से खराब कर दिया गया था.
कातिलों तक ऐसे पहुंची मेरठ पुलिस
चेहरा बुरी तरह से जला होने के कारण शुरुआत में पुलिस शव का शिनाख्त नहीं कर पाई. ऐसे में इसे ब्लाइंड मर्डर केस मानकर पुलिस ने जांच शुरू की. 500 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए. इस दौरान पुलिस को सीसीटीवी में एक संदिग्ध क्रेटा कार नजर आई. इस कार की डिटेल निकलवाई गई. पता चला यह कार होटल संचालक चंचल उर्फ बंटी की है. पुलिस ने बंटी से पूछताछ की तो पता चला कार में लाश दिल्ली की रहने वाली अर्चिता अरोड़ा की है.
महिला की क्यों की गई थी हत्या?
बंटीने बताया कि अर्चिता अरोड़ा को उसने और उसके साथियों ने 17-18 फरवरी को गला घोंटकर मार डाला था. फिलहाल, हत्या में इस्तेमाल की गई कार, कंबल और तेजाब की बोतल भी बरामद कर ली गई है. बंटी के मुताबिक अर्चिता उसे ब्लैकमेल कर रही थी. ऐसे में उसने और उसके साथियों ने कंबल से उसका गला घोंटा. फिर युवती की पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर टॉयलेट क्लीनर और तेजाब डाल दिया. शव को मवाना-बिजनौर रोड पर सरसों के खेत में फेंक दिया.
कई सालों से फर्जी नाम से दिल्ली में रह रही थी मृतका
अब इस मामले में जो नया खुलासा हुआ है वह यह है कि मृतक महिला का अर्चिता अरोड़ा नाम फर्जी है. तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत थी. वह कई सालों से दिल्ली में रह रही थी. मेरठ के होटल में भी आकर अक्सर ठहरती थी. दावा यह भी बै कि उसका नाम किसी विदेशी कनेक्शन से जुड़ा था. वह गलत कामों में लिप्ट थी. आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि मुहब्बत का पासपोर्ट दलालों ने जब्त कर लिया था. मृतका के आधार कार्ड पर नाम अर्चिता लिखा दिया था, लेकिन फोटो विदेशी महिला की ही थी.