मेरठ में सूरजमल की प्रतिमा अनावरण में हंगामा, ‘जाट’ शब्द हटाने पर आक्रोश; पंजाब CM ऐसे ही लौटे

मेरठ में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा के अनावरण में बड़ा विवाद खड़ा हो गया. प्रतिमा से 'जाट' शब्द हटाए जाने पर समाज में भारी आक्रोश फैल गया, जिससे कार्यक्रम में हंगामा हुआ. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मुख्य अतिथि शामिल हुए थे, लेकिन हंगामे के कारण उन्हें प्रतिमा के बिना अनावरण किए लौटना पड़ा.

महाराजा सूरजमल प्रतिमा अनावरन में हंगामा Image Credit:

मेरठ के दौराला क्षेत्र के सकौती में रविवार को इंटरनेशनल जाट संसद का आयोजन किया गया. यह महाराजा सूरजमल की बड़ी प्रतिमा का अनावरण के लिए था. यह यूपी में अब तक की सबसे बड़ी प्रतिमा बताई जा रही है. लेकिन प्रतिमा की फाउंडेशन वॉल से ‘जाट’ शब्द हटाने पर बखेड़ा खड़ा हो गया. समाज के लोग धरने पर बैठकर हंगामा करने लगे.

कार्यक्रम में देशभर से जाट समाज के लोग और कई बड़े नेता शामिल होने आए, जिनमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मुख्य अतिथि थे. सीएम मान ने मंच पर अपना संबोधन दे दिया था, अब उन्हें महाराजा सूरजमल की प्रतिमा अनावरण करना था. वह प्रतिमा का अनावरण करने जा रहे थे, तभी भीड़ टूट पड़ी. सीएम मान को बिना अनावरण के ही लौटना पड़ा.

सैकड़ों ट्रैक्टर, हजारों लोग ढोल-नगाड़े बजाते पहुंचे

इस कार्यक्रम में पंजाब के सीएम के अलाव भी कई बड़े-बड़े नेता शामिल हुए थे. राजस्थान के नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान और क्रिकेटर प्रवीन कुमार के साथ पश्चिमी यूपी के कई बड़े जाट नेता कार्यक्रम में पहुंचे थे. इनके अलावा, 10 हजार से ज्यादा लोग समारोह में जमा हुए थे.

कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 2000 से ज्यादा लोग ट्रैक्टरों से आए हुए थे. साथ कई लोग ट्रैक्टरों पर ढोल-नगाड़े बजाते पहुंचे थे. कार्यक्रम में 10000 से ज्यादा लोगों के बैठने की व्यवस्था थी. हालांकि, जाट शब्द हटाए जाने से समाज में नाराजगी फैल गई. आयोजन स्थल पर जाट समाज के सैकड़ों लोगों ने इसको लेकर नारेबाजी करने लगे और जमकर विरोध जताया.

प्रशासन पर रातों-रात शब्द हटवाने का आरोप

जाट संसद के नेताओं का आरोप है कि पुलिस-प्रशासन ने यह शब्द हटवाया है. उनका आरोप है कि एक दिन पहले तक सब कुछ टीक था, इनलोगों ने रातो-रात इसे हटा दिया. “जाट” शब्द हटाने पर कार्यक्रम में हंगामा और विरोध शुरू हो गया. समाज के लोगों ने इसे पहचान और सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया. माहौल बिगड़ने की वजह से कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ.

जाट समाज से आने वाले सांसद हनुमान बेनीवाल ने साफ कहा कि अपनी पहचान और सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा. भारी विरोध के बाद SDM को मौके पर बुलाया गया, उन्होंने कहा कि जातिसूचक नाम लिखा मना है, इसपर भी लोग नहीं माने. अंत में एक टेम्परेरी नेम प्लेट लगाया गया, जिसके बाद लोगों का विरोध प्रदर्शन कुछ शांत हो सका.

आखिर में बीजेपी नेता ने प्रतिमा का किया अनावरण

विवाद और विरोध के चलते स्थिति संवेदनशील हो गई. जाट समाज के नेता और कार्यकर्ताओं ने मूर्ति अनावरण स्थल पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और पुलिस को जमकर कोसा. इसी कारण भगवंत मान प्रतिमा का अनावरण नहीं कर पाए. हालाकिं, बाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता संजीव बालियान ने महाराज सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया.

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