UP में फिर पकड़ी गई हथियार फैक्ट्री, मिले थे चुनावों से पहले सप्लाई के ऑर्डर; STF का बड़ा खुलासा
यूपी एसटीएफ ने मेरठ में आगामी चुनावों से पहले एक बड़ी अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. लालकुर्ती क्षेत्र से 21 देशी पिस्टल और हथियार बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं. यह फैक्ट्री पश्चिमी यूपी में चुनावों के लिए हथियार सप्लाई करने वाली थी. पुलिस ने आरोपी तजम्मुल गिरफ्तार किया है. आरोपी ने कबूल किया है कि वह 5 साल से यह कारोबार चला रहा था.
उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा और पंचायत चुनावों से ठीक पहले यूपी एसटीएफ ने एक बड़ी साजिश का खुलासा किया है. यूपी एसटीएफ की टीम ने मेरठ के लालकुर्ती थाना क्षेत्र में दबिश देकर अवैध हथियारों की फैक्ट्री पकड़ी है. एसटीएफ ने इस फैक्ट्री में से 21 315 बोर के तैयार देशी पिस्टल एवं 50 से अधिक पिस्टल बनाने के उपकरण बरामद किए हैं. चुनावों से पहले इस फैक्ट्री को पश्चिमी यूपी में हथियार सप्लाई के बड़े ऑर्डर मिले थे. पुलिस ने अवैध हथियार गिरोह के एक सदस्य को दबोच लिया है.
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध हथियार बनाकर उनकी सप्लाई करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है. एसटीएफ की मेरठ इकाई ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से लालकुर्ती थाना क्षेत्र से आरोपी को दबोच लिया. उसके कब्जे से 315 बोर के 21 अवैध तमंचे और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले बड़ी मात्रा में उपकरण बरामद किए गए हैं. प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पिछले करीब पांच वर्षों से अवैध हथियार बनाने और उनकी सप्लाई करने की बात स्वीकार की है.
खैरनगर का रहने वाला है आरोपी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान तजम्मुल के रूप में हुई है. वह मेरठ के थाना देहलीगेट में खैरनगर का रहने वाला है. एसटीएफ के अनुसार आरोपी को बीएसएनएल ऑफिस से माल रोड जाने वाले रास्ते पर कूड़ाघर के पास पकड़ा गया. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 21 तमंचे 315 बोर, एक हथौड़ा, 11 आरी के ब्लेड, दो रेती, 23 वेल्डिंग रॉड, एक शिकंजा, एक वेल्डिंग मशीन तथा एक मोबाइल फोन आदि बरामद किया है.
कई जिलों में देता था सप्लाई
पूछताछ में आरोपी तजम्मुल ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर पिछले पांच वर्षों से अवैध हथियार तैयार कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता था. उसने बताया कि 315 बोर का एक तमंचा 4,000 से 5,000 रुपये में बेचा जाता था. आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2022 में मुजफ्फरनगर के चरथावल थाने में अवैध हथियार के मामले में ही अरेस्ट हुआ था. हालांकि जेल से छूटने के बाद उसने फिर से इस अवैध कारोबार को शुरू कर दिया.
