‘असली हकदार पहला बेटा है’…. एक दुल्हन के 4 दूल्हे, फिर भी नहीं हो पाई विदाई, जानें क्या है पूरी कहानी

मिर्जापुर में एक हैरान करने वाला मामला सामना आया है. यहां एक लड़की की शादी एक युवक से तय हुई थी. लेकिन वह शादी से एक दिन पहले फरार हो गया. फिर दूसरे बेटे से शादी कराने की बात कही, लेकिन शादी के दिन वह लड़का भी बीमार हो गया. तीसरा बेटा शादी के लिए तैयार नहीं हुआ. चौथा बेटा शादी के लिए राजी हुआ लेकिन फेरे के बाद बारात संग फरार हो गया. अब बेचारी जब लड़की विदाई के लिए इंतजार कर रही है, तो दू्ल्हे पक्ष ने उसके सामने अजीब शर्त रख दी.

मिर्जापुर की अजीब शादी

22 अगस्त 2025 को मिर्जापुर के देहात देहात कोतवाली क्षेत्र की एक युवती का रिश्ता कछवां इलाके के एक युवक से तय हुआ. सगाई भी हो गई. शगुन दे दिए गए. आपसी सहमति से यह तय हुआ दोनों की शादी 20 अप्रैल 2026 को कर दी जाएगी. लेकिन शादी के तीन पहले जब रिश्तेदार घर पहुंचने लगे, उस दौरान कुछ ऐसा हुआ कि लड़की के पिता के हाथ-पांव फूल गए.

दरअसल, लड़के वालों की तरफ से लड़की की पिता को शादी के एक दिन पहले यानी 19 अप्रैल को यह खबर भिजवाई गई कि दूल्हे राजा अचानक लापता हो गए हैं. यह सुनकर लड़की के पिता सन्न रह गए. उन्हें लगा अगर बारात नहीं आई तो खानदान की नाक कट जाएगी. अपनी साख बचाने के लिए उन्होंने दूल्हे के पिता द्वारा दिए गए अपने दूसरे बेटे से बेटी की शादी के लिए हामी भर दी.

दूसरा हुआ बीमार, तीसरे ने कर दिया इनकार

सब सामान्य हो गया. लेकिन इस बीच खबर आई कि दूसरा बेटा भी बीमार हो गया. उसने ऐन वक्त पर कहा कि-मैं शादी नहीं कर सकता है. फिर लड़के के पिता ने अपने तीसरे बेटे को शादी के लिए मनाने की कोशिश की लेकिन उसने बगावत करते हुए शादी से साफ-साफ मना कर दिया. अब थकहार कर लड़की के पिता पुलिस तक मामला लेकर पहुंचे.

पुलिस की डर से चौथे बेटे से कराई शादी

कानूनी कार्रवाई और बदनामी के डर से लड़के के पिता ने अपने चौथे और सबसे छोटे बेटे को बली का बकरा बनाया. फिर चौथे बेटे ने मंडप में बैठकर युवती के साथ सात फेरे लिए. रस्में पूरी हुईं, सिंदूर दान हुआ. लड़की के परिवार वाले भी खुश. लेकिन असल खेल अब शुरू हुआ.

फेरे के बाद चौथा बेटा भी बारात संग हुआ फरार

दरअसल, अगली सुबह 22 अप्रैल को जब लड़की वाले विदाई की रस्म के लिए बारात घर पहुंचे, तो वहां सन्नाटा था. दूल्हा, बाराती और ससूर सब रफूचक्कर हो चुके थे. हैरान-परेशान लड़की के पिता ने अपने समधी को फोन लगाया, तो उधर से जवाब आया कि शादी तो हो गई, पर विदाई तभी होगी जब मेरा बड़ा बेटा (जो फरार हुआ था) वापस आएगा. असली हकदार वही है.

दूल्हे पक्ष की सनकी शर्त

इतना बड़ा धोखा मिलने के बाद पीड़ित परिवार एसपी कार्यालय का लगातार चक्कर लगाते हुए न्याय की गुहार लगा रहा है. उधर दुल्हन लाल जोड़े में मायके में ही बैठी है. उसने फेरे चौथे बेटे से लिए, अब उसकी विदाई के लिए दुल्हा पक्ष पहले बेटे का इनकार कर रहा है. फिलहाल, दूल्हे पक्ष का यह सनकी शर्त और इस मामले में पुलिस की खामोशी दोनों जिले में सुर्खियों में छाई हुई हैं.

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