FIR के बाद अब सपा नेता समेत 4 गिरफ्तार, मिर्जापुर में स्कूल के रास्ते को लेकर प्रदर्शन पड़ा भारी
मिर्जापुर में स्कूली बच्चों के रास्ते की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले दो सपा नेताओं समेत चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. यह प्रदर्शन चेरुईराम कंपोजिट स्कूल के छात्रों के साथ किया गया था. बीते दिन सहायक शिक्षक की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ था.
मिर्जापुर में स्कूली बच्चों के रास्ते के लिए छात्रों के साथ प्रदर्शन करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. पुलिस ने दर्ज मुकदमा के तहत दो सपा नेता समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. सपा नेताओं ने बच्चों के साथ स्कूल के गेट के बाहर प्रदर्शन किया था. सहायक शिक्षक के तहरीर पर पुलिस ने 6 नामजद और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था.
मामला मिर्जापुर सिटी ब्लॉक के चेरुईराम कंपोजिट विद्यालय का है. स्कूल में रास्ते की समस्या को लेकर 7 जुलाई को सपा नेताओं ने छात्रों के साथ प्रदर्शन किया था. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि स्कूल तक पहुंचने के लिए पक्के रास्ते का निर्माण कराया जाए. सहायक अध्यापक संजय कुमार तिवारी ने सरकारी काम में बाधा को लेकर शिकायत की थी.
दो सपा नेताओं समेत समेत चार गिरफ्तार
प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने सपा नेता रोहित शुक्ला उर्फ लल्लू, पार्टी के लोहिया वाहनी के जिला अध्यक्ष कौशिक कनौजिया समेत छह के खिलाफ FIR दर्ज की थी. सपा नेता रोहित शुक्ला उर्फ लल्लू और कौशिक कनौजिया के साथ आरती और लाल बहादुर को गिरफ्तार कर लिया गया है. नामजद में शंकर और रामनरेश यादव अभी भी फरार हैं.
इसके अलाव, सपा नेता रोहित शुक्ला के कई अज्ञात समर्थकों पर मुकदमा दर्ज की गई थी, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है. रोहित शुक्ला अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं और मझवां विधानसभा से दो बार चुनाव लड़ चुके हैं.
प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने दिया था आश्वासन
दरअसल, मिर्जापुर सिटी ब्लॉक के चेरुईराम कंपोजिट विद्यालय का निर्माण 1985 में हुआ था. तब से लेकर अब तक रास्ता स्कूल जाने के लिए रास्ता नहीं है. किसानों के खेत के मेड़ से जाने के लिए छात्र और शिक्षक मजबूर होते थे. इसी को लेकर छात्रों के साथ सपा नेताओं ने प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस मौक पर पहुंची.
इसके बाद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर समझाया और लिखित सहमति के आधार पर धरना समाप्त कराया. साथ ही 24 घंटे के अंदर काम शुरू करने का आश्वासन दिया था. प्रशासन के आश्वासन के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू हो गया है, फिर भी ये गिरफ्तारियां हुई हैं.
धरना-प्रदर्शन से लोगों का रास्ता अवरुद्ध हुआ
देहात कोतवाली प्रभारी अमित मिश्रा ने बताया कि आरोप था कि धरना-प्रदर्शन से आम लोगों का रास्ता अवरुद्ध हुआ और विद्यालय के शिक्षकों को स्कूल में जाने से रोका गया. मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था जिसमें चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. दो नामजद और अज्ञात अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.
