गोंडा DM आज हाईकोर्ट में होंगे पेश, वेतन से 5 हजार हर्जाना वसूलने का आदेश; जानिए पूरा मामला
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गोंडा के जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है. सरकारी वकील को उचित निर्देश न देने पर हाईकोर्ट ने डीएम पर 5000 रुपये का हर्जाना लगाया है, जिसे उनके वेतन से वसूला जाएगा. जानिए क्या है पूरा मामला.
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान गोंडा के जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप तलब किया है. कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई न हो पाने के लिए जिलाधिकारी पर 5 हजार रुपये का हर्जाना भी लगाया है. इस राशि की वसूली डीएम के वेतन खाते से की जाएगी. कोर्ट ने डीएम की लापरवाही पर नाराजगी भी जताई थी.
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस जसप्रीत सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश दिया है. कोर्ट में ओंकार नाथ उर्फ ओंकार नाथ वर्मा की ओर से रिट याचिका दाखिल की गई थी. मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील को डीएम की ओर से उचित निर्देश उपलब्ध नहीं कराए जा सके. इसपर कोर्ट ने अगली सुनवाई में व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य की है.
दो सप्ताह का समय देने के बाद भी नहीं मिले निर्देश
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि राज्य सरकार के अधिवक्ता को जिलाधिकारी की ओर से मामले में आवश्यक निर्देश नहीं मिल पाए हैं. कोर्ट ने बताया कि 17 अगस्त को हुई सुनवाई में सरकारी वकील को निर्देश प्राप्त करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया था. साथ ही कोर्ट में जिलाधिकारी के उपस्थित नहीं होने पर भी सवाल किया.
अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि डीएम आवश्यक जानकारी और निर्देश अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें. इसके साथ ही उस समय साफ कहा था कि अगर अगली सुनवाई तक उचित निर्देश नहीं मिलते हैं तो गोंडा के जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा.
सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया- निर्देश नहीं मिले
वहीं, मंगलवार को जब मामला दोबारा सुनवाई के लिए आया तो राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उन्हें अब तक मामले में कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है. इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई और सवाल किया कि जब निर्देश नहीं मिले तो जिलाधिकारी अदालत में व्यक्तिगत रूप से क्यों मौजूद नहीं हैं.
इस पर सरकारी वकील कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके. इसके बाद अदालत ने डीएम की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए अगली सुनवाई में व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य की है. मामले की सुनवाई आज यानी बुधवार को होनी है, जिसमें गोंडा DM को व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा.
सुनवाई टलने पर लगाया 5 हजार का हर्जाना
इसके अलावा, कोर्ट ने मंगलवार को मामले की सुनवाई नहीं हो पाने के लिए हर्जाना भी लगाया. इसके लिए गोंडा डीएम के वेतन से 5 हजार रुपये की राशि हर्जाने के रूप में वसूल की जाएगी. अब गोंडा DM को कोर्ट में उपस्थित होकर मामले में स्थिति स्पष्ट करनी होगी. अदालत के इस आदेश के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है.
