सहारनपुर मस्जिद केस: भड़काऊ बयान पर शिकंजा, हुदा समेत अब तक 3 गिरफ्तार

सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में भड़काऊ बयानों को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ाई है. सामाजिक कार्यकर्ता हुदा जरीवाला समेत तीन लोगों को आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है.

भड़काऊ बयान पर हुदा जरीवाला समेत 3 गिरफ्तार

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद सोशल मीडिया और सार्वजनिक तौर पर सामने आ रहे बयानों को लेकर पुलिस सख्त है. मस्जिद प्रकरण में भड़काऊ और आपत्तिजनक बयान देने के आरोप में सामाजिक कार्यकर्ता और यूट्यूबर हुदा जरीवाला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इस मामले में अब तक तीन गिरफ्तारी हो चुकी है.

जानकारी के मुताबिक, हुदा जरीवाला के खिलाफ अधिवक्ता दुष्यंत सिंह की शिकायत पर सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट की भी जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील मामले को देखते हुए ऐसे बयानों और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है.

सर्किट हाउस में भी हुआ था हंगामा

हुदा जरीवाला की गिरफ्तारी से पहले सर्किट हाउस में भी हंगामा हुआ था. सोमवार को नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव के पहुंचने के दौरान हुदा जरीवाला वहां पहुंचीं. इस दौरान उन्हें आगे जाने से महिला पुलिसकर्मियों ने रोका. आरोप है कि इस बीच उनकी पुलिसकर्मियों से कहासुनी और नोकझोंक हुई. पुलिस ने उन्हे शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार कर लिया.

हुदा जरीवाला पर ये भी आरोप है कि उन्होंने मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री और डीएम के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की. हुदा जरीवाला का नाम पूर्व राज्यपाल और कांग्रेस नेता डॉ. अजीज कुरैशी के परिवार से भी जुड़ा है. मौजूदा विवाद के बाद उनकी पुरानी राजनीतिक और मीडिया पृष्ठभूमि भी चर्चा में आ गई है.

कौन हैं यूट्यूबर हुदा जरीवाला?

हुदा जरीवाला की पहचान सामाजिक कार्यकर्ता और यूट्यूबर के तौर पर सामने आती है. वह पत्रकारिता और मीडिया से भी जुड़ी रही हैं. उनका जन्म सऊदी अरब के रियाद में हुआ था. वह सऊदी टीवी चैनल-2 से बतौर न्यूज एंकर जुड़ी रहीं और बाद में बीबीसी लंदन के साथ भी काम करने का दावा करती हैं. वह आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता भी रह चुकी हैं.

कैंडल मार्च के ऐलान पर भी पुलिस की नजर

पुलिस के मुताबिक, मस्जिद प्रकरण से जुड़े विवादित बयानों और माहौल बिगाड़ने की आशंका को लेकर अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी की कार्रवाई सामने आई है. वहीं, कैंडल मार्च का ऐलान करने वाले मुस्तफा सिद्दीकी को हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया गया. इसके अलावा देहात कोतवाली इलाके में भी पुलिस द्वारा एक युवक को गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई का मकसद किसी भी संभावित विरोध-प्रदर्शन या सोशल मीडिया गतिविधि से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने से रोकना है.मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद अलग-अलग इलाकों में पोस्टर लगाए जाने और माहौल बिगाड़ने के प्रयास के आरोप में भी पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है.

5 सितंबर को ध्वस्त की गई थी मस्जिद

दरअसल, कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बना अनधिकृत ढांचा बताया था. जिला न्यायालय ने 2 सितंबर को मस्जिद पक्ष की अपील खारिज करते हुए बेदखली के आदेश को बरकरार रखा था. इसके तीन दिन बाद 5 सितंबर को प्रशासन ने मस्जिद को ध्वस्त कर दिया. इसके बाद से ही मामला तूल पकड़ा हुआ है.

फिलहाल, पुलिस का फोकस अब विरोध-प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर फैलने वाली कथित आपत्तिजनक सामग्री पर है. अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. हुदा जरीवाला के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच जारी है.

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