मिर्जापुर कलेक्ट्रेट में 6 घंटे धरने पर बैठीं पल्लवी पटेल, प्रशासन को बताया कठपुतली; जानें क्या है मामला

मिर्ज़ापुर में विधायक पल्लवी पटेल 6 घंटे तक धरने पर बैठी रहीं. आखिर में करीब एक घंटे डीएम-एसपी से मिलने के बाद धरना किय़ा. पल्लवी पटेल ने इस दौरान पुलिस-प्रशासन को कठपुतली करार दिया. साथ ही अपना दल(कमेरावादी) के जिलाध्यक्ष को फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगाया.

मिर्ज़ापुर में विधायक पल्लवी पटेल का 6 घंटे चला धरना

अपना दल कमेरावादी की नेता और सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल शनिवार को मिर्जापुर पहुंचीं. जहां उन्होंने गो तस्करी के आरोप में जेल में बंद पार्टी के जिला अध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह के समर्थन में धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान करीब 6 घंटे वह कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठी रहीं. इस बीच दो बार मनाने आएं एसडीएम गुलाब चंद्र को फटकार भी लगाईं.

डॉ. पल्लवी पटेल ने पत्रकारों से बात करते हुए बिना नाम लिए कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल पर निशाना साधा. उन्होंमे कहा कि अपना दल(क) के जिलाध्यक्ष को फर्जी तरीके से फंसा कर सत्ता में बैठे लोग बदनाम कर रहे है. मिर्जापुर पुलिस प्रशासन इनके कठपुतली बना हुआ है. डॉक्टर सोनेलाल के नाम बेचकर सत्ता का स्वाद चख रहे हैं.

जिला मुख्यालय पहुंचकर 6 घंटे तक धरना प्रदर्शन

मिर्जापुर अपना दल (कमेरावादी) के जिला अध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह पिछले एक महीने से गो तस्करी के आरोप में जेल में बंद हैं. उन्हीं के समर्थन में कमेरावादी नेता और सपा विधायक पल्लवी पटेल अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मिर्जापुर पहुंची थीं. उन्होंने सिटी क्लब से इकट्ठा होकर कचहरी रोड होते हुए जिला मुख्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन शुरू किया.

पल्लवी पटेल को इस दौरान एसडीएम गुलाब चंद्र, सीओ अमर बहादुर, अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) मनीष कुमार मिश्रा और अपर जिलाधिकारी अजय कुमार सिंह मनाने गए. वहीं, दो बार एसडीएम पर विधायक पल्लवी पटेल भड़क भी गई. उन्होंने कहा की जब तक जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक नहीं आते हैं. तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा.

मुख्य आरोपी से मारपीट कर जबरन नाम लिखवाया

करीब 5 घंटे धरने के बाद जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक मौके पर पहुंचे. उन्होंने विधायक पल्लवी उनके 10 सदस्य टीम से एक घंटे बातचीत की. इसके बाद धरना को समाप्त कर दिया गया. पल्लवी पटेल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘हमे आस्वासन मिला है पहली एफआईआर में जो जमानत की सुनवाई होगी.

साथ ही बताया कि इससे पहले जमानतदार के कागजात का वैरिफिकेशन कर दिया जाएगा. दूसरी एफआईआर में भी कागजात जमा करवा दिए जाएंगे. अब इनके खिलाफ इसके आगे कोई कार्रवाई नहीं होंगी. इस आश्वसन के बाद धरना को समाप्त किया गया है. उनका आरोप है कि मुख्य आरोपी से मारपीट कर जबरन नाम लिखवाया गया है.

कूट रचित के माध्यम से राजनीतिक द्वेष से फसाया

डॉ. पल्लवी पटेल ने दावा किया कि 20 साल के प्रतिनिधि को कूट रचित के माध्यम से राजनीतिक द्वेष से फसाया गया है. राजनीतिक धूमिल करने का प्रयास किया गया है. पुलिस प्रशासन कहना है की गैंग से जुड़े थे मगर मैं पुख्ता के साथ कर सकती हूं ऐसा नहीं था. जिला अध्यक्ष को अंदर रखकर मेरे हौसले, आंदोलन और आवाज को खत्म नहीं कर सकेंगे.

रिपोर्ट- जय प्रकाश पटेल, टीवी9