बाउंड्री वॉल गिरने से हुई बच्चे की मौत, फिर क्यों नप गए हेड टीचर? सामने आई वजह

मिर्जापुर के प्राथमिक विद्यालय में दीवार गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद प्रधानाध्यापक अर्जुन पटेल को निलंबित कर दिया गया है. उन पर बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने और जर्जर दीवार की सूचना न देने का आरोप है. बीएसए ने इस मामले में विभागीय जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की है.

मिर्जापुर में गिरी स्कूल की बाउंड्रीवॉल

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक हैरान करने वाली घटना हुई है. यहां प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री वॉल गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई. इस मामले में बीएसए मिर्जापुर ने प्रधानाध्यापक को सस्पेंड कर दिया है. आरोप है कि घटना के बाद प्रधानाध्यापक ने ना तो समय रहते बच्चे का समुचित इलाज कराया और ना ही उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी. बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस मामले में विभागीय जांच का आदेश करते हुए पांच सदस्यी जांच टीम का गठन किया है.

मामला मिर्जापुर के संत नगर थाना क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय बहरछठ का है. जानकारी के मुताबिक इसी गांव में रहने वाले सोनू का बेटा महेश पहली कक्षा में पढ़ता था. वह अपनी बहन के साथ प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने गया था. दोपहर में खेलते समय अचानक बाउंड्री वॉल उसके ऊपर ही गिर गई. इसकी वजह से महेश मलबे में दब गया. इससे उसके पैर और सीने में गंभीर चोटें आई थीं. जानकारी होने पर प्रधानाध्यापक अर्जुन घायल छात्र को पटेहरा अस्पताल पहुंचाया था.

हेड टीचर ने ही पहुंचाया अस्पताल

अस्पताल में डॉक्टरों ने महेश का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उसकी हालत नाजुक देखकर मंडलीय अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. वहीं मंडलीय अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे को दवा देकर छुट्टी दे दी. इधर, घर लौटते समय रास्ते में ही महेश के पेट में दर्द हुआ और इसी दर्द से उसकी मौत हो गई. इस मामले की जानकारी होने पर बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है.

सस्पेंशन लेटर में ये हैं आरोप

बीएसए अनिल कुमार वर्मा की ओर से जारी सस्पेंशन लेटर में प्रधानाध्यापक अर्जुन पटेल पर लापरवाही के आरोप है. आरोप है कि उनकी लापरवाही से बच्चे की मौत हुई. इसके अलावा उन्होंने जर्जर बाउंड्री वॉल की सूचना न मौखिक और न ही लिखित रूप से उच्चाधिकारियों को दी. इसके अलावा बच्चे के इलाज में भी लापरवाही बरतने का आरोप है. अब पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्य टीम का गठन किया गया है. रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई होगी.

Follow Us