मुरादाबाद एयरपोर्ट का मेगा अपग्रेड: 2600 मीटर का नया रनवे, 90-सीटर विमान भरेंगे उड़ान
मुरादाबाद एयरपोर्ट को आधुनिक क्षेत्रीय एविएशन हब बनाने की तैयारी तेज हो गई है. करीब 3.35 अरब रुपये की परियोजना के तहत रनवे का विस्तार, 163 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण और एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण किया जाएगा. रनवे की लंबाई 2112 मीटर से बढ़ाकर 2600 मीटर और चौड़ाई 30 से 45 मीटर की जाएगी, जिससे 70-90 सीट वाले विमान भी उड़ान भर सकेंगे.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद एयरपोर्ट को क्षेत्रीय हवाई अड्डे से आधुनिक क्षेत्रीय एविएशन हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. बंद पड़ी हवाई सेवाओं को दोबारा शुरू करने और भविष्य में बड़े विमानों के संचालन को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट के व्यापक विस्तार की योजना तैयार की गई है. इस परियोजना के तहत रनवे को लंबा किया जाएगा, अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण होगा और एयरपोर्ट का ढांचा आधुनिक बनाया जाएगा.
करीब 3.35 अरब रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए जिला प्रशासन ने विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को भेज दिया है. मंजूरी मिलते ही भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. एयरपोर्ट विस्तार के लिए करीब 163 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि की जरूरत चिन्हित की गई है. इसके लिए छह गांवों के लगभग 2,120 किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी.
163 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि होगी अधिग्रहित
भदासना, डंगायान, हाजीपुर, सिसौना, मुंडापांडे और नियामतपुर इख्तियारपुर गांव की 161 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. वर्तमान में मुरादाबाद एयरपोर्ट का रनवे 2112 मीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा है, जो केवल छोटे विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त है. नई योजना के तहत रनवे की लंबाई 2600 मीटर की जाएगी.
2014 में शुरू हुई थी एयरपोर्ट परियोजना
वहीं, रनवे की चौड़ाई 30 मीटर से बढ़ाकर 45 मीटर की जाएगी. रनवे विस्तार के बाद एयरपोर्ट पर 70 से 90 सीट क्षमता वाले व्यावसायिक विमान आसानी से उड़ान भर सकेंगे. मुरादाबाद के मुंडापांडे स्थित एयरपोर्ट को विकसित करने की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी, जब उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच MoU हुआ था. सभी आवश्यक NOC मिलने के बाद 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया था.
45 दिन बाद बंद हो गई थी हवाई सेवा
एयरपोर्ट से 10 अगस्त 2024 को लखनऊ के लिए 19-सीटर विमान सेवा शुरू की गई थी, लेकिन विमानों की उपलब्धता नहीं होने के कारण यह सेवा महज 45 दिन बाद बंद हो गई. अब सरकार बड़े विमानों के संचालन योग्य एयरपोर्ट विकसित कर नियमित उड़ान सेवाएं शुरू करने की तैयारी में है. मुरादाबाद देश-विदेश में अपने पीतल उद्योग के लिए जाना जाता है. एयरपोर्ट विस्तार के बाद यहां से देश के प्रमुख महानगरों तक बेहतर हवाई संपर्क स्थापित होगा.
व्यापार और उद्योग को मिलेगा बड़ा फायदा
इससे निर्यातकों को तेज परिवहन सुविधा मिलेगी. व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी. निवेश आकर्षित होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. रनवे विस्तार के बाद मुरादाबाद केवल लखनऊ ही नहीं बल्कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और अन्य प्रमुख शहरों से भी सीधे जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा. इससे पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
जल्द शुरू होगी आगे की कार्रवाई
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) के अनुसार, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से स्वीकृति मिलते ही भूमि अधिग्रहण, मुआवजा निर्धारण और निर्माण से संबंधित सभी औपचारिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी जाएंगी. अगर यह महत्वाकांक्षी परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो मुरादाबाद एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के उभरते क्षेत्रीय हवाई अड्डों में शामिल होगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी.
