बिलारी टोल हिंसा: पांच गाड़ियों में पहुंचे किसान नेता, रंगदारी और मारपीट; 24 अरेस्ट
बिलारी के इब्राहिमपुर टोल प्लाजा पर किसान संगठन से जुड़े लोगों द्वारा टोल कर्मियों, खासकर महिला कर्मचारियों के साथ मारपीट, अभद्रता और जातिसूचक टिप्पणी की गई. इस दौरान मोबाइल और नकदी की लूट भी हुई. पुलिस ने 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
मुरादाबाद के बिलारी थाना इलाके के इब्राहिमपुर टोल प्लाजा अखाड़ा बन गया है. आगरा-मुरादाबाद हाईवे पर स्थित इस टोल प्लाजा पर टैक्स देने के विवाद को लेकर एक किसान संगठन के पदाधिकारियों और टोल कर्मियों के बीच जमकर संघर्ष हुआ है,. आरोप है किसान नेताओं ने टोल कर्मियों, खासकर महिला कर्मचारियों के साथ मारपीट, अभद्रता की है.
इस हंगामे के दौरान दबंगों ने टोल बैरियर हटाकर कई वाहनों को बिना टैक्स दिए ही जबरन वहां से निकलवा दिया गया है, जिससे भारी राजस्व हानि हुई है. वहीं, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 नामजद समेत 24 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. साथ ही लूटपाट और एससी-एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
पांच गाड़ियों में पहुंचे, लाठी-डंडों से थे लैस
घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब पांच गाड़ियों में सवार होकर कुछ लोग टोल पर पहुंचे थे. टोल पर मौजूद कर्मचारी के अनुसार, खुद को संगठन का जिलाध्यक्ष बताने वाले किसान नेता ने अपने साथियों के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर आए थे, जब कार सवार लोगों से टैक्स मांगा गया था, तो दबंगो ने विवाद शुरू कर दिया और मारपीट की.
आरोप है कि हमलावरों ने ड्यूटी पर तैनात सुपरवाइजर विपिन, महिला कर्मियों उर्मिला और श्वेता को निशाना बनाया. महिला कर्मचारियों के साथ न केवल अभद्रता की गई थी, बल्कि उनके लिए जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया. प्रबंधक का दावा है कि आरोपियों ने प्रति माह 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगी, मोबाइल और 26 हजार रुपये भी छीन लिए.
किसान नेताओं ने आरोपों को खारिज किया
टोल प्लाजा पर हुए विवाद की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला गया. अधिकारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है. दूसरी ओर, विवाद की सूचना पाकर किसान संगठन के अन्य बड़े पदाधिकारी भी बिलारी थाने पहुंचे है. किसान नेताओं ने टोल प्रबंधन के आरोपों को सिरे से खारिज किया है.
साथ ही, किसान नेताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है. संगठन के नेताओं का कहना है कि वे टोल पर किसी भी तरह के नियम विरुद्ध कार्य को बर्दाश्त नहीं करेंगे. फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि अज्ञात हमलावरों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके. वहीं, गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जेल भेज दिया गया है.
