पूर्व प्रधान के बेटे पर फायरिंग करने वालों को 10 साल की कैद, जुर्माना भी; 14 साल बाद आया फैसला

मुरादाबाद की अदालत ने 14 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. पूर्व प्रधान के बेटे विपिन पर चुनावी रंजिश में फायरिंग करने वाले तीन दोषियों भूरा, अतुल शर्मा और जमील को 10-10 साल के कठोर कारावास और 40-40 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई है. यह मामला 2012 का है.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद की अदालत ने 14 वर्ष पुराने एक हत्या के प्रयास के मामले में फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. 14 साल चली कानूनी कार्रवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 आरके गौतम ने दोषियों पर 40-40 हजार का जुर्माना भी लगाया है. मामला ठाकुरद्वारा कोतवाली इलाके के कमालपुरी खालसा गांव में साल 2012 का है.

केस डायरी के मुताबिक कमालपुर खालसा गांव में रहने वाले पूर्व प्रधान जयपाल सिंह का बेटा विपिन 21 जुलाई 2012 की रात अपने साथी सतीश के साथ किसी काम से माधोवाला गांव गया था. वापसी में जैसे ही वह अपने गांव के पास पहुंचा, तत्कालीन प्रधान इंतजार और उसके साथियों ने विपिन की बाइक रोक ली और मारपीट शुरू कर दी. इस दौरान तमंचे से फायरिंग में विपिन की जांघ में गोली लगी और वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया. वहीं उसका साथी सतीश भी इस वारदात में जख्मी हो गया था.

नामजद दर्ज हुआ था मुकदमा

विपिन ने इस संबंध में ठाकुरद्वारा पुलिस में भूरा, अतुल शर्मा और जमील के खिलाफ तहरीर दी थी. पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज करते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की. फिर 14 साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अब अपना फैसला दिया है. इसमें भूरा, अतुल शर्मा और जमील को हत्या के प्रयास के अपराध में दोषी करार देते हुए दस-दस साल के सश्रम कारावास तथा 40-40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है.

हत्या के इरादे से आए थे बदमाश

पुलिस व कोर्ट से मिली जनाकारी के अनुसार इस वारदात के पीछे चुनावी रंजिश का मामला सामने आया था. तीनों दोषी भूरा, अतुल शर्मा और जमीन इस वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी तैयारी के साथ आए थे. इनका इरादा विपिन को जान से मारना था. गनीमत रही कि इस हमले में गंभीर रूप से घायल विपिन बेहोश हो गया और बदमाशों को लगा कि वह मर गया. इसलिए छोड़कर चले गए थे. कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित विपिन ने खुद वारदात की कहानी बयां की. इसके बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है.

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