BJP नेता मुख्य अतिथि, सपा सांसद को न्योता भी नहीं; एसटी हसन के कार्यक्रम के पोस्टर पर सियासी बवाल

मुरादाबाद में ईद मिलादुन्नबी के कार्यक्रम में पूर्व सपा सांसद डॉ. एसटी हसन द्वारा भाजपा MLC को मुख्य अतिथि बनाए जाने और मौजूदा सपा सांसद रुचि वीरा को निमंत्रण न देने पर सियासी बवाल छिड़ गया है. सपा कार्यकर्ता इसे रुचि वीरा की अनदेखी और मंच का राजनीतिक इस्तेमाल बता रहे हैं. डॉ. हसन ने इसे धार्मिक कार्यक्रम कहकर सफाई दी है.

डॉ. एसटी हसन के कार्यक्रम को लेकर सियासी बवाल

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में प्रस्तावित जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के जुलूस को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. इस कार्यक्रम को लेकर शहर में जगह जगह पोस्टर लगाए गए हैं, लेकिन इन्हीं पोस्टर को लेकर बड़ा सियासी बवाल शुरू हो गया है. दरअसल पूर्व सपा सांसद डॉ. एसटी हसन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा MLC जयपाल सिंह व्यस्त को मुख्य अतिथि बनाया गया है, लेकिन सपा की स्थानीय सांसद रुचि वीरा को न्यौता तक नहीं दिया गया है.

‘खुद्दाम-ए-ताजदार-ए-मदीना’ कमेटी के निमंत्रण पत्र पर सांसद रुचि वीरा का नाम ना होने को लेकर सपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में गहरी नाराजगी है. मुरादाबाद में सपा के तमाम नेताओं और समर्थकों का आरोप है कि जिन लोगों ने पैगंबर साहब पर विवादित टिप्पणियां की, उन्हें मंच पर आमंत्रित किया जा रहा है. वहीं हर अवसर पर जनता के बीच रहने वाली मौजूदा सांसद रुचि वीरा को नजर अंदाज किया जा रहा है.

पूर्व सांसद पर गंभीर आरोप

सपा नेताओं ने पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन पर इस धार्मिक मंच का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. पार्टी के नेताओं का कहना है कि इस कार्यक्रम में मदरसों पर बयानबाजी करने वाली पार्टी के नेताओं को बुलाना किसी हाल में स्वीकार्य नहीं है. हालांकि सांसद के समर्थकों ने स्पष्ट भी किया कि रुचि वीरा को किसी मंच की आवश्यकता नहीं है, वह जनता के दिलों पर राज करती हैं. कहा कि वह इस जुलूस में भी शामिल होंगी.

एसटी हसन ने दी सफाई

सपा नेताओं की घेराबंदी के बीच पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने सफाई दी है. कहा कि यह संस्था पिछले 40 वर्षों से सजावट का कार्य करती आ रही है. भाजपा नेता जयपाल सिंह व्यस्त राजनीति में आने से पहले शिक्षक के रूप में 40 सालों से इस कार्यक्रम से जुड़े रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि निमंत्रण पत्र पर केवल कमेटी सदस्यों के नाम हैं. उन्होंने कहा कि सांसद रुचि वीरा को भी आमंत्रण भेजा जाएगा. डॉ. हसन के मुताबिक यह एक विशुद्ध धार्मिक मंच है जिसमें सभी दलों के लोग शामिल होते हैं, इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए.

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