मुरादाबाद के काली मंदिर में गद्दी को लेकर जंग, संतों पर हमला, CCTV तोड़ें; पूर्व महंत समेत 7 को जेल
मुरादाबाद के प्राचीन सिद्धपीठ काली माता मंदिर में गद्दी विवाद गहरा गया है. जूना अखाड़ा से पदमुक्त पूर्व महंत सज्जन गिरि ने अपने साथियों संग मंदिर पर धावा बोलकर वर्तमान महंत और संतों पर हिंसक हमला किया. जबरन गद्दी पर कब्जे की नीयत से CCTV भी तोड़ दिए गए.
मुरादाबाद के मुगलपुरा थाना इलाके के चौकी लालबाग स्थित प्राचीन सिद्धपीठ काली माता मंदिर की गद्दी को लेकर विवाद गहरा गया है. जूना अखाड़ा द्वारा अप्रैल में पदमुक्त किए गए पूर्व महंत सज्जन गिरि ने अपने दर्जनों साथियों संग मंदिर परिसर में धावा बोल दिया. वर्तमान महंत और अन्य संतों से मारपीट की गई. वहीं, पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया.
पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त को मंदिर में कब्जे की नीयत से घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ की सूचना मिली थी. लालबाग चौकी प्रभारी ओम शुक्ला और मुगलपुरा पुलिस टीम मौके पर पहुंची. आरोप है कि मंदिर परिसर में मौजूद वर्तमान महंत और सेवादार संतों के साथ मारपीट की गई. इस दौरान मंदिर में लगे सीसीटीवी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया.
क्या है कुछ पूरा विवाद जाने?
15 अगस्त की सुबह लगभग 11:30 बजे पूर्व महंत सज्जन गिरि अपने भतीजे विशाल सिंह, पवन गिरि, अमन सिंह, अनुराग सिंह, अभय सिंह और आर्यन सिंह के साथ मंदिर परिसर में घुसा आए थे, तमाम दबंगो ने गद्दी पर वर्चस्व जमाने के उद्देश्य से सेवादार संतों पर हमला बोल दिया था. महंत विनय गिरि के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की गई थी.
इस दौरान बीच-बचाव करने आए अन्य लोगों को भी जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा. दबंगों ने मंदिर में लगे सुरक्षा तंत्र को निशाना बनाते हुए सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है. आरोप है कि पूर्व महंत सज्जन गिरि के साथ मंदिर परिसर में घुसे दबंगों के पास हथियार भी थे, जिसे मौके पर लहराया गया.
आर्म्स एक्ट के तहत अलग से प्राथमिकी दर्ज
मंदिर में इस घटना की सूचना मिलते ही मुगलपुरा थाना पुलिस और लालबाग चौकी प्रभारी की टीम हरकत में आई. पुलिस ने जीआईसी ग्राउंड और खंडहर के पास घेराबंदी कर आरोपियों सज्जन गिरि, अभय सिंह, विशाल सिंह, पवन गिरि,आर्यन सिंह, अनुराग सिंह और अमन सिंह को दबोच लिया है. तलाशी के दौरान दबंगो के पास से पांच चाकू बरामद हुए है.
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ मुख्य मामले के अलावा आर्म्स एक्ट के तहत अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए पूर्व महंत सज्जन गिरि और उनके छह साथियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी जेल भेज दिया गया है. पुलि, अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है.
विवाद की पृष्ठभूमि और अखाड़े का रुख
प्राचीन सिद्धपीठ मंदिर में गद्दी को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है. श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा ने 9 अप्रैल को सज्जन गिरि और राम गिरि को अनैतिक आचरण के आरोपों में बर्खास्त कर दिया था. प्रयागराज से जांच दल के आगमन के दौरान भी आरोपियों के पक्ष ने हमला किया था. मंदिर व्यवस्था को लेकर अखाड़े द्वारा लगातार महंत बदले जाते रहे हैं.
महाकाल गिरि, हितेश्वर गिरि, आनंदेश्वर गिरि और महादेवनंद गिरि के बाद वर्तमान में कंचन गिरि और विनय गिरि को मंदिर प्रबंधन का जिम्मा सौंपा गया है, जिसे छीनने की कोशिश में यह हिंसक वारदात हुई थी. चौकी इंचार्ज ओम शुक्ला के द्वारा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालते हुए कानूनी कार्यवाही को अंजाम दिया है.
